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नरवाई जलाने से रोकने कृषि विभाग कर रहा प्रचार, पर्यावरण के साथ खेतों को भी नुकसान

एक वर्ष पहले
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इस वर्ष पर्याप्त वर्षा व मौसम की अनुकूलता के चलते क्षेत्र में रबी फसल का उत्पादन अधिक हो रहा है। अधिक वर्षा के चलते क्षेत्र में जलस्तर भी स्थिर है। किसानों का मानना है कि यदि समय पर गेहूं की फसल काटकर मूंग की बोवनी कर दी तो खरीफ सीजन की भरपाई जायद फसल से की जा सकती है। क्षेत्र के कुछ क्षेत्रों में नए गेहूं आना शुरू हो गए हैं। गेहूं की कटाई शुरू होते ही कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी मैदानी स्तर पर अपना मोर्चा संभाल लिया है। प्रतिवर्ष क्षेत्र में गेहूं की फसल कटाई के बाद किसान खेतों में नरवाई जलाने लगते हैं।

हार्वेस्टर से गेहूं की फसल काटने के बाद शेष बची नरवाई को जलाने में एक तरफ जहां जंगल में आग भड़कने की संभावना रहती है तो दूसरी तरफ खेतों में मौजूद उर्वरक तत्व भी आग के साथ जलकर नष्ट हो जाते हैं और खेतों की उत्पादन क्षमता पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। किसानों द्वारा किया गया यह कार्य वैधानिक कार्रवाई के दायरे में भी आता है। रबी फसल में चल रही गेहूं की कटाई से पहले किसानों से सावधान रहकर नरवाई न जलाने के लिए कृषि विभाग सजग हो चुका है।

खेतों के लाभकारी बैक्टीरिया को होता है नुकसान : नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान को लेकर वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी व्हीएस राज ने बताया कि निश्चित ही नरवाई जलाने से खेतों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, किसान मित्रों की मदद से फील्ड में किसानों के बीच पहुंचकर नरवाई जलाने से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है।

मंडी में नई गेहूं की बंपर आवक : मंडी सचिव सुनिल कुमार भालेकर ने बताया कि अभी तक समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख तय नहीं हुई हैं। मंडी में किसानों को गेहूं का अच्छा दाम मिलने के चलते मंडी नए गेहूं की आवक अधिक हो रही है।

नरवाई जलाने पर किसान के विरूद्ध एफआईआर कर जेल भेजा जाएगा: एसडीएम

उर्वरा शक्ति का होता है क्षय

नरवाई को जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति के रूप में मौजूद तत्व आग के साथ जलकर भूमि की उर्वरा शक्ति का क्षय हो जाता है। आग के कारण उपजाऊ भूमि पर आग लगने से ऊपरी परत जलकर ईंटों के अवशेष की तरह कड़क हो जाती है। किसानों को चाहिए कि वह गहरी जुताई करे, जिससे नरवाई भूमि में दबकर खाद का रूप ले लेगी। नतीजतन खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए अलग से खाद की अधिक आवश्यकता नहीं रहेगी।
-वीएस राज, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, नसरुल्लागंज

होगी एफआईआर

किसान मूंग की बोवनी करना चाहते हैं तो रोटर वेटर से खेतों में गहरी जुताई कर मूंग की बोवनी करें। यदि किसी भी किसान द्वारा गेहूं कटाई के बाद गेहूं की शेष नरवाई में आग लगाई जाती हैं तो इसका पड़ोसी किसानों की फसलों के जलने की संभावना हैं। ऐसी स्थिति में किसान के विरूद्ध एफआईआर कर उसे जेल भेजा जाएगा। किसान नरवाई में आग न लगाए।
-शैलेन्द्र हिनोतिया, एसडीएम, नसरुल्लागंज
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