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प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष बन चेक पर करेंगे हस्ताक्षर
ग्राम पंचायतों के चुनावों की तारीख नहीं आई, लेकिन अब उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। जिले की 497 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 24 मार्च तक खत्म हो जाएगा, लेकिन इसके बाद भी पंचों-सरपंचों की ताकत बनी रहेगी। सरपंच अब प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष के तौर पर सचिव के साथ मिलकर खातों से पैसा निकाल सकेंगे और भुगतान कर सकेंगे।
शासन ने पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने पर सरपंच के हस्ताक्षर से खातों से पैसा निकालने और भुगतान करने पर रोक लगा दी है। ये आदेश 7 मार्च को जारी किए गए हैं। लेकिन इसके अगले ही दिन 8 तारीख को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अपर सचिव शोभा निकुंम ने कलेक्टरों को आदेश जारी कर प्रशासनिक समितियां बनाने के लिए कहा है। इन समितियों का अध्यक्ष उस सरपंच को बनाया जाएगा, जिसका कार्यकाल खत्म हो रहा है। ये अध्यक्ष पंचायत के कार्यों के लिए बैंक के कामकाज और चेक पर हस्ताक्षर पहले की तरह सचिव के साथ कर पाएंगे। ग्राम पंचायत चुनाव होने तक यह समिति ही पंचायत का संचालन करेगी।
पंचाें को बनाया जाएगा सदस्य : नए निर्देश में साफ है कि जो पंच अभी के कार्यकाल में हैं, उन्हें इस प्रशासकीय समिति में सदस्य बनाया जाएगा। इसके अलावा दो सदस्य मनोनीत किए जाएंगे। इन दोनों सदस्यों का गांव की निर्वाचन नामावली में नाम होना चाहिए। ये भी साफ किया गया है कि अगर दो मनोनीत सदस्य नहीं भी हैं तो भी प्रशासकीय समिति अपना काम करेगी।
जिले में एक दिन पहले से खत्म होने लगे कार्यकाल
जिले में 10 मार्च से ग्राम पंचायतों के कार्यकाल खत्म होना शुरु हो गए हैं। मार्च महीने की 24 तारीख तक जिले की सभी पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। पंचायत का 5 साल का कार्यकाल उस दिन से माना जाता है, जिस दिन चुनाव के बाद पहली बैठक होती है। साल 2015 की 10 मार्च से 24 मार्च के बीच सभी पंचायतों की बैठक हो गई थी। अब इनका कार्यकाल भी इन 15 दिनों में खत्म होगा।
कार्यकाल बढ़ाने की उठाई थी मांग
पंचायत का कार्यकाल बढ़ाने के लिए सरपंच और उपसरपंच संगठन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को देकर कार्यकाल बढ़ाने की मांग की थी। ज्ञापन में कहा गया था कि आगामी गर्मी के मौसम में पेयजल समस्या को देखते हुए पंचायत को भंग करने के बजाए आगामी चुनाव तक इसका कार्यकाल बढ़ाया जाए, जिससे ग्रामीणों को गर्मी में परेशानी न हो।