भागवत कथा व प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन

Sehore News - नगर के समीप स्थित गांव गुरलिया खेमपुर में नवनिर्मित मंदिर में श्रीराम दरबार, रामदेवजी व शिवलिंग की प्रतिमाओं की...

Bhaskar News Network

Jun 15, 2019, 06:40 AM IST
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नगर के समीप स्थित गांव गुरलिया खेमपुर में नवनिर्मित मंदिर में श्रीराम दरबार, रामदेवजी व शिवलिंग की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके अलावा श्रीमद भागवत कथा का समापन भी किया गया।

शुभ मुहूर्त मे नगर पुरोहित पंडित मनीष पाठक अन्य विप्रगणों ने वैदिक मंत्रोच्चारों के बीच देवताओं की प्रतिमाओं को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया। इस मौके पर समस्त ग्रामवासी सहित बाहर से पधारे भक्तगणों ने भगवान श्रीराम दरबार के दर्शन लाभ लिया। तत्पश्चात श्रीमद्भागवत महापुराण का भी समापन हुआ। कथा व्यास डॉ. दीपेश पाठक ने सुदामा चरित्र की कथा सुनाई गरीब ब्राह्मण सुदामा कृष्ण के परम मित्र थे वे बड़े ज्ञानी विषयों से विरक्त व जितेन्द्रिय थे। वहां भिक्षा मांगकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं उनकी प|ी सुशीला जब बहुत कमजोर हो गई तो उन्होंने सुदामा जी से आग्रह किया कि आप अपने बचपन के मित्र कृष्ण के पास जाएं। वह आपकी मदद जरूर करेंगे। प|ी की हठ के कारण सुदामाजी प|ी के दिए हुए तंदूल लेकर द्वारका पहुंचते हैं और द्वारपालों से कहते हैं कि कृष्ण से कह दो कि उनके बचपन के मित्र सुदामा आए हैं। भगवान जैसे ही सुनते है वह नंगे पैर दौड़ लगाकर सुदामा से मिलने आते हैं और गले लगाते हैं। सुदामा की दीन दशा देखकर भगवान कृष्ण रोने लगते है और सुदामा की सेवा करते हैं। जब सुदामा वापस लौटते हैं तो अपनी सुदामापुरी को द्वारकापुरी जैसा बना दिव्य स्वरूप में पाते हैं। सुदामा की आंखों से आंसू आ जाते हैं और कहते हैं कि श्रीकृष्ण के साथ मेरी मैत्री जन्म जन्मांतर हो। इसी प्रकार हमें भी भगवान श्रीकृष्ण जैसी मित्रता करना चाहिए।

प्रतिमाओं का महाभिषेक: नवीन प्रतिमाओं का जल, दूध, शहद, धृत, श्रीफल, फलों के रस गंध पदार्थ हरित पल्लव आदि से महाभिषेक किया गया। मूर्ति प्रतिष्ठा में यह मुख्य संस्कार हैं। पंडित पाठक ने बताया कि मूर्तियों को पीतांबर से ढंककर धातु की शलाका को मधु धृत में डूबोकर प्रतिमा के नैत्र खोले गए। नैत्रोन्मीलन के समय नेत्रों के सामने कन्या से देव प्रतिमाओं को दर्पण दिखाया गया। उसके बाद काजल संस्कार व राजभोग लगाकर प्राण प्रतिष्ठा की गई।

भक्तों ने लिया दर्शन लाभ

नवीन प्रतिमाओं की स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा के बाद पट खोलेे गए और महाआरती की गई। जिसका लाभ उपस्थित धार्मिकजनों ने प्राप्त किया। तत्पश्चात शोभायात्रा संपूर्ण गांव में निकाली गई। नवनिर्मित मंदिर में देवताओं की स्थापना के लिए समस्त ग्रामीणजन सहित आस पास के ग्रामीण जन उपस्थित थेे। उसके बाद भक्तों ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की।

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