प्रदेश में चल रहे पॉलिटिकल ड्रामे का असर
सिंधिया के भाजपा में आने से प्रदेश में चल रहे पॉलीटिकल ड्रामे का असर अब शहर में भी दिखाई देने लगा है। दरअसल चार दिन पहले मंडी रेलवे ओवर ब्रिज की विद्युतीकरण का लोकार्पण पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने किया था और इसका शिलालेख ब्रिज पर चस्पा किया गया था, लेकिन गुरुवार को यह पत्थर किसी ने निकाल दिया। इस पत्थर पर मंत्री श्री वर्मा के साथ प्रभारी मंत्री आरिफ अकील, विधायक सुदेश राय, जिला पंचायत अध्यक्ष उर्मिला मरेठ और नपा अध्यक्ष नमिता राठौर का नाम अंकित था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पत्थर निकालने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
बता दें कि मंडी स्थित रेलवे ओवर ब्रिज बनने के बाद से ही उस पर लाइट की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में अंधेरे में लोगों को ब्रिज से आना-जाना पड़ता था। स्थानीय लोगों की मांग पर नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग ने इस ब्रिज पर विद्युतीकरण का काम करवाया था। इसी का लोकार्पण शनिवार 7 मार्च को लोक निर्माण विभाग मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया था। लोकार्पण के मौके पर नपाध्यक्ष नमीता राठौर सहित कलेक्टर और एसपी भी मौजूद थे। लोकार्पण के समय यहां पटि्टका लगाई गई थी।।
चार दिन पहले जिस रेलवे ओवर ब्रिज के विद्युतीकरण का लोकार्पण पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने किया, उसका शिलालेख ही गायब
असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की मांग
इस मामले में कांग्रेस नेता सईद लाला मंसूरी ने पटि्टका निकालने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग जिला प्रशासन से की है। श्री मंसूरी ने बताया कि जिस जगह से पटि्टका निकाली गई है वहां से मात्र 50 मीटर की दूरी पर डायल 100 का नोडल पाइंट है। यही नहीं वहां से कुछ दूरी पर ही पुलिस अधीक्षक का निवास है। ऐसे में भी लोकार्पण की पटि्टका का गायब होना आश्चर्य की बात है।