कोरोना वायरस से फीका हुआ रंगों का त्योहार
नसरुल्लागंज | दवाई बनाने के लिए कच्चा माल, रंगों के बाद पिचकारी बनाने के लिए ज्यादातर माल चीन से आयातित किया जाता है, लेकिन इस बार चीन में फैली महामारी से भारत सहित अन्य कई देशों ने चीन के साथ होने वाले व्यापार से अपने हाथ खींच लिए हैं। जिससे देश में बनने वाली सामग्री महंगी होने से रंगों का त्योहार भी महंगाई के दौर से गुजर रहा है। अधिकांश लोगों का मानना है कि चाइना से आए रंग उनकी सेहत के लिए घातक हो सकते हैं। सत्यनारायण पटवा, रवि लखेरा का कहना है कि कोरोना की महामारी के चलते सरकार ने इस वर्ष चीन से कच्चा माल आयात नहीं किया। जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा है।