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जिंदगी उन्हीं की है जो मरकर जिया करते हैं: आचार्य जितरत्नसागर सूरिश्वर महाराज

एक वर्ष पहले
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आचार्य नवर| सागर महाराज का जन्म उत्सव मनाया

जिंदगी उन्हीं की है जो मरकर जिया करते हैं। महापुरुष का जन्म आराधना, जप, तप में व्यतीत होता है। जिंदगी में आचार्य नवर| सागर महाराज ने इतनी त्याग तपस्या आदि की जिसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। राजगढ़ में आचार्य नवर| सागर महाराज का जन्म हुआ था और चंद्र सूरीश्वर महाराज के आप शिष्य बने। मैंने उनको बहुत निकटता से देखा है। जाप में हमेशा लीन रहते थे। व्यक्ति की सूरत देखकर उसे पहचान लेते थे।

ये बातें आचार्य जितर| सागर सूरिश्वर महाराज ने आचार्य नवर| सागर महाराज के 77वें जन्म दिवस के अवसर पर सीमंधर जिनदत्त धाम दादावाड़ी परिसर में श्वेतांबर जैन श्रीसंघ व नवर| परिवार द्वारा आयोजित गुणानुवाद सभा में कहीं।

सभा के पूर्व महावीर श्वेतांबर जैन मंदिर गंज से एक शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई जिसमें पालकी पर दिवंगत आचार्य नवर| सागर महाराज की प्रतिमा अपने कंधों पर लेकर श्रावक लोग चल रहे थे। वहीं आचार्य जितर| सागर सूरिश्वर महाराज, गणिवर्य आदर्श र| सूरिश्वर महाराज, युवाचार्य अक्षत र| महाराज सहित साधू-साध्वी श्रावक-श्राविकाओं के साथ चल रहे थे। जगह-जगह लोगों ने ग्वली की।

वहीं दादावाड़ी परिसर में पहुंचने के बाद आचार्य जितर|सागर सूरिश्वर महाराज ने कहा कि नवर| सागर महाराज ऐसे नक्षत्र जिन शासन में बनेंगे, ऐसा हमारे गुरुवर अभ्युदय सागर महाराज ने कहा था और उन्होंने आचार्यश्री की पदवी के लिए उनसे कहा। बड़ी मुश्किल से उन्होंने आचार्यश्री की पदवी प्राप्त की थी। नवर| सागर ने भरपूर वात्सल्य अपने शिष्यों के अलावा अन्य संतों एवं सभी पर बरसाया। इस अवसर पर गणिवर्य आदर्श र| श्री महाराज ने कहा कि ज्ञान और ज्ञानी का हमेशा सम्मान होता आया है और होता रहेगा।

जीवन में बहुत ज्ञान प्राप्त किया नवर| सागरजी ने। ज्ञानी का बहुमान का संदेश दिया। बिना परमात्मा दर्शन के कुछ भी नहीं लेते थे। आराधना साधना को आगे करें। पूजा परमात्मा दर्शन कभी न छोड़े। उनके गुणों को धारण करें तभी गुणानुवाद सभा सार्थक होगी। आदर्श र| सागर महाराज ने आगे कहा कि नवर| सागर महाराज का चरित्र बेजोड़ था। पैदल चलते थे, उनके जीवन से कुछ सीखे। नंगे पैर मंदिर जाना चाहिए। जीवन में त्याग करना सीखे। आज जरूरत धर्मगुरु के प्रति समर्पण की है। इस अवसर पर युवा संत अक्षत र| महाराज ने कहा गुरु के प्रति भक्ति की भावना हमें 10 साल पहले खींचकर लाई थी।

इस अवसर पर श्वेतांबर जैन श्रीसंघके अध्यक्ष पारसमल सिंघवी, गंज मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नगीनचंद जैन, निर्मल रांका, लोकेंद्र बनवट, राकेश सुराणा, पवन सुराना, अभिषेक सुराना ने आचार्य नवर| सागर महाराजके जीवन पर प्रकाश डाला।

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