माइनिंग ऑफिस से लेकर घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों पर तैनात रहते हैं रेत माफिया के मुखबिर

Sehore News - भास्कर संवाददाता|नसरुल्लागंज/ छिपानेर बारिश थमते ही नर्मदा घाटों से फिर से रेत का अवैध उत्खनन शुरू हो गया है।...

Bhaskar News Network

Oct 12, 2019, 08:40 AM IST
Nasrullaganj News - mp news sand mafia informers keep posted on the routes leading from the mining office to the ghats
भास्कर संवाददाता|नसरुल्लागंज/ छिपानेर

बारिश थमते ही नर्मदा घाटों से फिर से रेत का अवैध उत्खनन शुरू हो गया है। तमाम कोशिशों के बाद भी रेत माफिया पर लगाम नहीं लग पा रही है। इसका कारण है कि उनका नेटवर्क तगड़ा है। उनके अपने वाटस ग्रुप हैं और इन्हीं पर वे मुखबिरी करते हैं। चिन्हित जगहों पर ये मुखबिर खड़े रहकर वहां से गुजरने वाले अधिकारियों की जानकारी रेत माफियाओं को देते हैं। इससे संबंधित लोग रेत वाहनों को लेकर भाग जाने में सफल रहते हैं। रेत के कारोबार से जुड़े इन कारोबारियों का एक आडियो वायरल हुआ। इसमें वाटसएप पर आॅडियो संदेश भेजा जाता है। इसमें ये रेत कारोबारियों को पहले से तय किए कोड वर्ड के आधार पर कुछ अहम जानकारी देते हैं जिसे कोई दूसरा नहीं समझ पाता है।

सोशल मीडिया का सहारा : 11 मील चौकन्ने रहना और आलम चाचा के ट्रैक्टर का टूट गया बैरंग जैसे कोड वर्ड से होती है मुखबिरी, इसलिए राजस्व या माइनिंग का अमला पहुंचने से पहले ही भाग जाता है रेत माफिया

नसरुल्लागंज| नर्मदा में फिर से रेत निकालने का काम शुरू हो गया।

उदाहरण: इन कोड वर्ड का उपयोग कर वाट्सएप पर मुखबिर देते हैं सूचना

आलम चाचा के ट्रैक्टर का टूट गया बैरंग: आलम चाचा के ट्रैक्टर का बैरंग टूट गया है। यानि मुखबिर यह कहता है कि जो भी अधिकारी जांच करने आया था वह अब आगे की तरफ नहीं जा रहा है। वह यहां से वापस हो रहा है। इस संदेश के बाद आगे जो भी रेत का कारोबार करने वाले होते हैं कि वह रेत भर सकते हैं ।

11 मील वाले चौकन्ने रहें: इस आडियो में मुखबिरी करने वाला साफ तौर पर कहता है कि 11 मील वाले चौकन्ने रहें। इससे साफ जाहिर हो जाता है कि जो भी 11 मील पर रेत भरकर खड़े हैं उन्हें ये संदेश दे दिया जाता है कि रेत की जांच करने के लिए अमला निकल गया है।

रानीपुरा और चौरसाखेड़ी घाट से निकलना शुरू हुई रेत

नर्मदा नदी के चौरसाखेड़ी और रानीपुरा व छिपानेर से रेत निकलना शुरू हो गई है। यहां पर सड़कों पर भी रेत के ढेर लगना शुरू हो गए हैं। अभी ट्रैक्टर-ट्रालियों से रेत जा रही है। शुक्रवार को भी छिपानेर में कई ट्रैक्टर-ट्राली रेत से भरे हुए निकले।

मुखबिरी से ही बच निकलते हैं रेत माफिया: खनिज अधिकारी

इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी एमए खान का कहना है कि यह बात सही है कि जगह-जगह इस तरह के मुखबिर खड़े रहते हैं जो सूचना देने का ही काम करते हैं। इसके बाद भी हम कार्रवाई करते हैं और कई वाहनों को पकड़ा जाता है। मुखबिरों को भी पकड़ेंगे।

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