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तीन इंजीनियर्स की रिपोर्ट: डेढ़ कराेड़ खर्च होंगे तब हो पाएगी शहर से पानी की निकासी

2 वर्ष पहले
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पिछले दिनों भारी बारिश से नगर के 7 हजार घरों में पानी भरने से लोगों को लाखों का नुकसान हुआ था। यही नहीं नगर के मेन रोड पर तो कई दुकानों में काफी पानी भर जाने से सामान भीग गया था। करोड़ों का नुकसान होने के बाद प्रशासन ने इस समस्या के निजात दिलाने एक कार्ययोजना बनाने के लिए टीम बनाई। इस टीम में तीन इंजीनियर्स शामिल किए गए जिन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद अब अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। इसमें चिन्हित जगहों पर बताया गया है कि कहां पर पानी भराव की स्थिति है और इससे कैसे निपटा जा सकता है। इस पूरे काम में 1 कराेड़ 49 लाख रुपए खर्च होंगे। अब प्रशासन इसे शासन को भेजेगा।

नगर में पानी भराव की स्थिति पिछले कुछ सालों से बन रही है। खासकर मेन रोड सहित गंज, ब्रह्मपुरी कालोनी, देवनगर काॅलोनी, गंगा आश्रम आदि हैं। 29 जुलाई रात को जब तेज बारिश शुरू हुई तो कुछ ही देर में इन क्षेत्रों में पानी भरना शुरू हो गया था। बाद में हालत खराब होती चली गई और उन क्षेत्रों में भी पानी भराव की स्थिति बनने लगी जहां कभी पानी नहीं भरा था। इससे नगर के करीब 7 हजार घरों में पानी भर गया था तो वहीं कई दुकानों में पानी भर जाने से काफी नुकसान हो गया था। इसके बाद कलेक्टर अजय गुप्ता ने तीन इंजीनियर्स की एक टीम बनाई और फिर इस टीम ने प्रभावित जगहों का जायजा लिया। इस टीम में प्रधानमंत्री सड़क ईकाई के महाप्रबंधक यशवंत सक्सेना, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री यूएल रामटेके एवं पीडब्ल्यूडी के ईई एनके जैन को नियुक्त किया गया है।

पानी निकासी के लिए बने प्लान को प्रशासन स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजेगा

1. पक्की नाली और पाइप डालने का होगा काम

सीहोर बिलकिसगंज मार्ग में कई काॅलोनी हैं। पानी निकासी नहीं होने से काॅलोनियों में पानी भर गया था। भोपाल इंदौर मार्ग एनएच 86 से सीहोर बिलकिसगंज मार्ग किनारे कच्ची नाली एवं जहां से काॅलोनी शुरू होती है, वहां पक्की नाली और पाइप डालने का प्रावधान किया जाएगा ताकि पानी कॉलोनी में न आकर सीधे नाले में चला जाए।

2. यहां बनती है बाढ़ की स्थिति

सीहोर बिलकिसगंज मार्ग की ऊंचाई अधिक है, इस कारण से ब्रह्मपुरी, इंद्रानगर, पटेल कालोनी में अधिक बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाती है। इसलिए सीहोर बिलकिसगंज मार्ग के बीच और किनारे नाले का निर्माण कराने की बात कही गई है। सड़क के बीच पक्का कवर्ड ड्रेन बनाकर ऊपर रोड़ का निर्माण किया जाना होगा, जिससे पानी को आगे नाले में मिलाया जा सकता है।

इन बिंदुओं पर होगा काम

3. पाइप को हटाकर स्लेब से करना होगा कवर्ड

झागरिया रोड़ एवं शमशान रोड़ पर एक पाइप की पुलिया बनी हुई है। यहां से पर्याप्त पानी की निकासी नहीं हो पाती है। इस पाइप को हटाकर इसके स्थान पर स्लेब कवर्ट का निर्माण किया जाना प्रस्तावित किया गया है।

4. सीहोर बिलकिसगंज मार्ग स्थित काॅलोनी में पानी की निकासी

झागरिया रोड़ एवं शमशान रोड से नदी पुल तक दाईं ओर जो नाली स्थित है वह कहीं-कहीं कच्ची है एवं क्षतिग्रस्त है। इसका दोबारा निर्माण ड्रेनेज के अनुसार किया जाना है। इसको नदी पुल तक मिलाने की बात कही गई है जिससे पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सकेगी।

5. नाले की चौड़ाई और गहराई बढ़ाना होगी

सीहोर बिलकिसगंज मार्ग के एनएच 86 जंक्शन से लेकर शमशान घाट तक स्थित नाले की गहराई एवं चौड़ाई कम हो जाने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इसलिए इस नाले की चौड़ाई एवं गहराई बढ़ाकर पानी की निकासी सुचारू रूप से की जा सकती है।

6. कोतवाली चौराहे व बाजार से पानी की निकासी

कोतवाली चौराहे पर पूर्व से निर्मित नाले से पर्याप्त पानी की निकासी नहीं हो पा रही है जिसके कारण क्षेत्र में पानी भराव की स्थिति निर्मित होती है। इसलिए उक्त स्थान पर रोड़ काटकर पूर्व से निर्मित नाले के समानान्तर नाले का निर्माण कर पानी को कोतवाली के समीप स्थित नाले में मिलाया जाना प्रस्तावित है। मेन रोड़ पर हाजी फल विक्रेता की दुकान से रोड़ काटकर कवर्ड नाले का निर्माण कर उक्त नाले को मछली पुल के समीप स्थित नाले में मिलाया जाना प्रस्तावित है।

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