--Advertisement--

3 जीका पाॅजीटिव और 5 संदिग्ध प्रसूताओं की कराई सोनोग्राफी, बचाव के लिए बताए उपाय

जिले में जीका के लक्षणों वाले मरीज मिलने से इसका खतरा बना हुआ है। इस बीच शनिवार को जीका से पीड़ित तीन आैर इसके...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 04:56 AM IST
Sehore - sonography for 3 jika positive and 5 suspected patients measures to rescue
जिले में जीका के लक्षणों वाले मरीज मिलने से इसका खतरा बना हुआ है। इस बीच शनिवार को जीका से पीड़ित तीन आैर इसके लक्षणों वाली संदिग्ध तीन प्रसूताओं का गाइनॉकोलाजिस्ट ने चेकअप किया और उनकी अल्ट्रा सोनोग्राफी भी कराई गई। उन्हें इस वायरस से बचाने के लिए समझाइश भी दी गई। 15 पॉजीटिव मरीज मिलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने 35 की जगह 56 टीमों को सर्वे का काम सौंपा है। ये टीमें अब प्रभावित गांवों में सर्वे कर रही हैं। सभी 10 गांवों में रात के समय 5 मशीनों से दवाओं का छिड़काव भी किया जा रहा है।

जीका वायरस का संक्रमण रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग आष्टा के गोपालपुर, कोठरी सहित 10 गांवों में काम कर रहा है। हालांकि पिछले दो दिनों से नए सैंपल नहीं लिए गए हैं।

वायरस के संक्रमण से बच्चे का थम जाता है विकास

डॉक्टरों के अनुसार जीका वायरस जब मां से बच्चे में चला जाता है तो उसका विकास थम जाता है। यह मानसिक विकास भी हो सकता है। हालांकि बच्चे की ग्रोथ पर क्या असर पड़ेगा, यह कहा नहीं जा सकता है।

एडीज मच्छरों के लार्वा सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 35 की जगह 56 टीमें मैदान में उतारीं

प्रसूताओं का हुआ चेकअप

इस वायरस से पीड़ित तीन प्रसूताओं की जांच शनिवार को हुई। पांच संदिग्ध प्रसूताओं की जांच भी की गई। इसमें पाया गया कि दो प्रसूताओं का 20 सप्ताह के कम का गर्भ है। इसलिए इन्हें महिला चिकित्सक ने जरूरी सलाह देते हुए कहा कि मां से बच्चे में जीका वायरस चला जाता है। इसलिए इनसे कहा गया है कि यदि वे मां बनना चाहती हैं तो उन्हें लगातार चेकअप कराना होगा और डॉक्टरों की देखरेख में रहना होगा।

इस तरह कर सकते हैं लोग बचाव





स्वास्थ्य विभाग कर रहा ये उपाय

प्रभावित 10 गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें सर्वे का काम कर रही हैं। 5 मशीनों से दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। इसी के साथ पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। लार्वा को खत्म करने का काम किया जा रहा है। इस दौरान इनका लक्ष्य मच्छरों को पूरी तरह से खत्म करना है।

ज्यादा असर हो इसके लिए रात को साइफिनोथ्रीम की फॉगिंग

ये टीमें गांवों में दिन की जगह रात को साइफिनोथ्रीम दवा से फागिंग कर रही हैं। 5 मशीनों से दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इन दवाओं का छिड़काव दिन की जगह रात को किया जा रहा है। इसका कारण यह है कि दिन के समय तेज हवाओं के चलने के कारण दवाओं का सही ढंग से छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इसलिए टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दवाओं का छिड़काव रात में करें।

मुनादी कराकर लोगों को किया जा रहा जागरूक

लोगों को जीका और डेंगू से बचने के लिए जागरूक करने माइक से एनाउंस करने का काम भी शुरु कर दिया गया है। गांवों के लोगों को बताया जा रहा है कि इन बीमारियों से बचने के लिए उन्हें क्या करना होगा।

X
Sehore - sonography for 3 jika positive and 5 suspected patients measures to rescue
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..