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सूचना मिलने के बाद तय स्पॉट तक करते हैं पीछा

मजबूत मुखबिर तंत्र, गाड़ियां लोडिंग होने से ही नजर कंजरों का एक बड़ा मुखबिर तंत्र सक्रिय रहता है। ये मुखबिर...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:20 AM IST
मजबूत मुखबिर तंत्र, गाड़ियां लोडिंग होने से ही नजर

कंजरों का एक बड़ा मुखबिर तंत्र सक्रिय रहता है। ये मुखबिर गाड़ियों के लोडिंग होने वाले स्थान पर मौजूद रहते हैं। गाड़ी किस क्षेत्र से होकर कितनी बजे गुजरेगी, उसमें क्या-क्या सामान है, यह सूचना गाड़ी नंबर के साथ कंजरों तक पहुंचाई जाती है। यही नहीं, रस्ते में पड़ने वाले ढाबों पर भी इनके मुखबिर सक्रिय रहते हैं। ढाबों पर रुकने वाले ट्रकों के अंदर होने वाले सामान की जाानकारी ये बातचीत के जरिये बड़ी आसानी से लगा लेते हैं।


सूचना मिलने के बाद तय स्पॉट तक करते हैं पीछा

सूचना मिलने के बाद रात के ऐसे वक्त को चुना जाता है, जब आवाजाही कम होती है। फिर गिरोह के बदमाश बाइक से ट्रक का पीछा करते हैं। ट्रक पर चढ़ने से लेकर सामान उतारने तक के लिए इनके स्पॉट फिक्स होते हैं। देवास से मक्सी होते हुए शाजापुर तक इनके 9 ऐसे स्पॉट हैं- चिढ़ावद, टौंक, बंजारी, नैनावद पुलिया, नैनावद घाटी व लालघाटी के बीच। इसके अलावा लक्ष्मीपुरा, डिंगरौदा से देवास रेलवे फाटक के बीच।