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महंगाई के विरोध में बहस...व्यापारी बोले- पहले शराब ठेका बंद कराओ, एक निजी स्कूल बंद कराया बाकी खुले रहे

डीजल अौर पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर सोमवार को किए गए भारत बंद के कारण आमजन को परेशान होना पड़ा। इंदौर के लिए...

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 05:05 AM IST
डीजल अौर पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर सोमवार को किए गए भारत बंद के कारण आमजन को परेशान होना पड़ा। इंदौर के लिए प्रतिदिन चलने वाली पांच बसों के पहिए दोपहर तक थमे रहे। स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक भी चिंतित दिखे। ऐसे में स्कूलों के बंद नहीं रहने के बाद भी कई बच्चे स्कूल नहीं गए। इधर, शहर के एमजी कान्वेंट स्कूल पहुंचे कांग्रेसियों ने स्कूल बंद करा दिया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को वापस घर भेज दिया। अलग-अलग ग्रुपों में निकले कांग्रेसियों ने दोपहर 12 बजे तक दुकानें खुलने नहीं दी। इस दौरान बस स्टैंड के व्यापारियों से उनकी हुज्जत भी हो गई। व्यापारियों का कहना था पहले शराब का ठेका बंद कराओ, इसके बाद हमारे पास आना। ठेके के बंद होने के बाद ही शहर की ज्यादातर दुकानें बंद हुईं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुकानें नहीं खुलने दी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी बसें भी बंद रखी, लेकिन कुछ नेताओं के परिजन की दुकानें खुली रहने से आम व्यापारियों में इसे लेकर आक्रोश दिखा। इसके चलते शहर में सड़क पर उतरे कांग्रेसियों को अपने ही लोगों से हुज्जत करना पड़ी। बस स्टैंड पर अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट पर कांग्रेस का एक ग्रुप पहुंचा तो यहां के व्यापारियों ने कहा कि पहले अपने नेताओं के प्रतिष्ठान तो बंद करा दो, इसके बाद आना। बताया जा रहा है युकां के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष के परिजन ने ही अपनी दुकानें खोल रखी थीं। कुछ लोगों का कहना था व्यापारियों से कांग्रेस जबरदस्ती दुकानें बंद करा रही है। इसे लेकर बस स्टैंड पर पहुंचे एसडीओपी से भी वहां खड़े लोग बहस करने लगे। लेकिन पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया।

ग्राहक चाय पीते रहे और व्यापारी ने दुकान बंद कर दी

आंदोलन को लेकर कांग्रेस के दोनों ग्रुप उत्साहित दिखे। चाय की दुकान से लेकर बड़ी होटलों पर बार-बार पहुंचकर दोपहर तक बंद रखा गया। इस दौरान कुछ व्यापारी नेताओं के जाते शटर खोल देते। फव्वारा चौराहे के पास होटल के बाहर ग्राहकों को चाय परोसी जा रही थी, तभी कांग्रेसियों का एक दल पहुंच गया। नुकसान से बचने के लिए व्यापारी शटर गिराकर गायब हो गया और ग्राहक चाय पीते रहे।

बस स्टैंड पर दुकानें बंद कराने के दौरान पूर्व नगर अध्यक्ष बाबू भाई खरखरे।

पूरा शहर रहा बंद

सवर्ण समाज के 6 सितंबर को किए बंद के बावजूद सोमवार को एक बार फिर पूरा शहर दोपहर तक बंद रहा। कयास लगाए जा रहे थे कि बंद सफल नहीं रहेगा। इसी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे शहर में दुकानें बंद कराने में जुटे रहे। दावा किया गया कि कांग्रेस के आंदोलन को आमजन का समर्थन मिला। बताया जा रहा कांग्रेस कार्यकर्ता जिधर पहुंचे वहां की दुकानें बंद हो गई, लेकिन उनके जाते ही दुकानों की शटर खुल जाती थी।

बंद में दिखा दी गुटबाजी

ईंधन की कीमतों को लेकर कांग्रेस द्वारा किए गए बंद में भी स्थानीय स्तर पर पार्टी दो गुटों में बंटी दिखी। दो अलग-अलग ग्रुप में बंटे सभी कार्यकर्ता एक साथ नहीं आए। एक ग्रुप बस स्टैंड पर था तो दूसरा धोबी चौराह पर। कुछ नेता तो पार्टी के इस तरह के आयोजन में पहली बार आगे आए। हालांकि कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह सिकरवार ने बताया पूरे शहर की स्थिति पर नजर रखने के लिए हमने ही अलग-अलग ग्रुप बनाए थे।