• Hindi News
  • Rajya
  • Madhya Pradesh
  • Shajapur
  • आईटीआई तो शुरू नहीं हुआ, बंद पड़े कौशल केंद्र का सामान भी दो माह बाद पहुंचा देंगे सुसनेर

आईटीआई तो शुरू नहीं हुआ, बंद पड़े कौशल केंद्र का सामान भी दो माह बाद पहुंचा देंगे सुसनेर / आईटीआई तो शुरू नहीं हुआ, बंद पड़े कौशल केंद्र का सामान भी दो माह बाद पहुंचा देंगे सुसनेर

Shajapur News - भास्कर संवाददाता | आगर-मालवा मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की घोषणा के बाद जिला मुख्यालय पर रोजगारोन्मुखी...

Bhaskar News Network

Jun 07, 2018, 05:20 AM IST
आईटीआई तो शुरू नहीं हुआ, बंद पड़े कौशल केंद्र का सामान भी दो माह बाद पहुंचा देंगे सुसनेर
भास्कर संवाददाता | आगर-मालवा

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की घोषणा के बाद जिला मुख्यालय पर रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा देने आईटीआई जैसी सुविधा, तो शुरू हो नहीं सकी, उल्टे जिला बनने के पहले जो कौशल केंद्र चलता था, वह भी जिला बनने के बाद दिसंबर 2016 से बंद पड़ा है। तकनीकी शिक्षा लेकर खुद का व्यवसाय शुरू करने का सपना देख रहे हजारों बेरोजगारों के साथ इससे भद्दा मजाक और क्या हो सकता है कि बंद पड़े इस कौशल केंद्र के सामान को जिला मुख्यालय से उठाकर सुसनेर शिफ्ट किया जा रहा है। इससे रोजगारोन्मुखी शिक्षा व प्रशिक्षण प्राप्त करने की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं के सपनों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

जिस समय आगर जिले का गठन हुआ था, उस समय मुख्यमंत्री ने हर जिला मुख्यालय पर आईटीआई खोलने की घोषणा की थी। इससे बेरोजगार युवाओं को उम्मीद की किरण दिखाई दी थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद तात्कालीन कलेक्टर डी.डी. अग्रवाल ने 20 जनवरी- 2014 को पुरा साहब नगर के पास 2 हैक्टेयर जमीन आईटीआई भवन बनाने के लिए आवंटित भी कर दी थी। कौशल विकास केंद्र बंद किए जाने के बाद मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना व मुख्यमंत्री कौशल्या योजना स्वीकृत की गई थी, लेकिन अफसरों की लापरवाही व अनदेखी के चलते योजनाएं शुरू ही नहीं हो पाई।

युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगर में 2011 में उज्जैन दरवाजे के पास निजी भवन में कौशल विकास केंद्र शुरू किया गया था। इसमें कम्प्यूटर, वेल्डिंग, आॅटो मोबाइल व इलेक्ट्रिशियन, ये 4 ट्रेंड्स संचालित होती थी। 1-1 ट्रेंड में 40-40 विद्यार्थी प्रशिक्षण लेते थे। जिला गठन के बाद भी यह केंद्र चलता रहा, लेकिन दिसंबर- 2016 से शासन ने इसे बंद कर दिया। तब से यहां पडा़ फर्नीचर व उपकरण धूल खा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार 2016 में जो कौशल विकास केंद्र बंद हुआ था। उसका आगर में रखा सामान भी सुसनेर पहुंचाया जाने वाला है। भवन के मालिक को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था सुसनेर के उप प्राचार्य ने चिट्ठी भेज दी है। इसकी एक काॅपी कलेक्टर व संयुक्त संचालक उज्जैन को भी भेजी गई है। सामान सुसनेर शिफ्ट किए जाने की जानकारी लगने के बाद आगर के हरिप्रसाद, दक्ष मंगल, कमलकिशोर, गोविंद कुंभकार, विकास माली का कहना है कि आईटीआई काॅलेज खुलने पर हम तकनीकी शिक्षा लेने का सपना देख रहे थे पर जो सुविधा आगर को मिली थी वह भी जिला मुख्यालय से छीनी जा रही है। ऐसे में नई सुविधा मिलने की आस करना बेमानी ही होगी।

जन प्रतिनिधि भी शुरू नहीं करा सके आईटीआई

कौशल विकास केंद्र बंद होने के बाद जब छात्रों द्वारा आईटीआई खोले जाने की मांग उठने लगी, तो विधायक गोपाल परमार ने 28 फरवरी- 2016 को तकनीकी शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर आगर में आईटीआई खोलने की मांग की थी। पत्र में उन्होंने यह भी लिखा है कि आईटीआई काॅलेज नहीं होने से गरीब छात्र-छात्राओं को उज्जैन व शाजापुर तकनीकी शिक्षा देने के लिए जाना पड़ता है। विधायक द्वारा पत्र लिखने के बाद स्थानीय स्तर पर भी कुछ जागरूक लोगों ने इस मांग को उठाया था, लेकिन जनप्रतिनिधियों द्वारा सतत प्रयास न किए जाने का परिणाम यह हुआ कि आईटीआई यहां आरंभ ही नहीं हो पाया। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि आगर में 2 प्रस्तावित योजनाओं के आरंभ होने की जानकारी लगने के बाद 4 हजार युवाओं ने जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं व युवतियां थी पंजीयन कराया था। पंजीयन कराने के बाद वे बड़ी बेसब्री से यह सुविधा आरंभ होने का इंतजार कर रहे थे।

भवन मालिक को पत्र दिया है


X
आईटीआई तो शुरू नहीं हुआ, बंद पड़े कौशल केंद्र का सामान भी दो माह बाद पहुंचा देंगे सुसनेर
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना