पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Shajapur News Mp News 150 Varieties Of Crops In Two And A Half Bigha Of Kvk Seeing This More Than 500 Farmers Plant New Crops In Their Fields Every Year

केवीके के ढाई बीघा में 150 किस्मों की फसलें, इसे देखकर हर साल 500 से ज्यादा किसान अपने खेतों में लगाते हैं नई फसलें

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

गेहूं, चने से लेकर जैविक खेती का अलग-अलग प्लांटेशन

किसानांे को खेती की उन्नत तकनीक सिखाने के लिए 2004 से गिरवर में शुरू हुए कृषि विज्ञान केंद्र के ढाई बीघा में अलग अलग फसलों की 150 वैरायटी को लगातार फसल संग्रहालय तैयार किया गया है। यहां तैयार फसल को देख हर साल करीब 500 किसान तकनीक सीखकर इन फसलों को अपने खेतों में लगाते हैं।

यही वजह है कि अब शाजापुर के किसान पहले की तुलना ज्यादा उन्नतशील हो गए और परंपरागत खेती को छोड़ यहां के किसानों ने लहसुन, प्याज, आलू, संतरे से लेकर औषधीय फसलें लेना शुरू कर दी। खेती के अलावा सोलर पंप से लेकर अन्य प्रयोग भी यहां देखकर किसान अपने खेतों में करने लगे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. धाकड़ ने बताया कि परिसर में बनाए फसल संग्रहालय को देखकर किसान अन्य फसलों के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इसमें गेहूं की 24 किस्में, चने की 18, मसूर की 10, सरसों की 10 किस्मों के अलावा अन्य फसलें लगाई है। प्रदर्शनी के तौर पर गेहूं की जो किस्में लगाई गई है उसमें ज्यादा पानी मिलने पर इस बार पूसा, तेजस गेहूं फसल अच्छी दिखाई दे रही है। कम पानी होने पर पूजा, उजाला गेहूं किस्में अच्छी है।

जिले में पहला सोलर पंप लगाया, 350 लग चुके हैं

कृषि विज्ञान केंद्र में 5 साल पहले सोलर पंप लगाया। फसल के साथ किसानों ने इसका प्रयोग भी दिखा। 5.5 लाख रुपए कीमत के सोलर पंप को 75 हजार रुपए में पड़ने पर किसान इसे लगाने के लिए प्रेरित हुए और अब तक 350 किसानों ने अपने खेतों पर सोलर पंप लगवा लिया।

अवलोकन स्कूली बच्चे व किसान मिलाकर हर साल 2 हजार लोग

शाजापुर| कुछ फसलें हरी हैं तो कुछ पक कर तैयार हो चुकी है, कुछ पकने वाली है।

शुरुआत 2004 में कृषि विज्ञान केंद्र शुरू हुआ

17 हेक्टेयर क्षेत्रफल

13 हेक्टेयर फसल

0.5 हेक्टेयर (ढाई बीघा) संग्रहालय

70 किसान व महिलाओं सालभर में ट्रेनिंग
खबरें और भी हैं...