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दो साल पहले शुरू हुआ निर्माण, फिनिशिंग वर्क अटका, दावा- अप्रैल अंत तक शिफ्ट कर देंगे

एक वर्ष पहले
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टंकी चौराहे स्थित फल-सब्जी मंडी में बढ़ते कारोबार के बाद भी मंडी प्रबंधन इसको शिफ्ट करने में जरा भी रुचि नहीं दिखा रही। कृषि उपज मंडी में फल-सब्जी मंडी को शिफ्ट करने के लिए दो साल पहले मल्टी यूटिलिटी भवन का निर्माण शुरू किया गया, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। मंडी बोर्ड के अधिकारियों ने दावा किया है कि अप्रैल के अंत तक शेष रहा फिनिशिंग काम भी पूरा हो जाएगा। इसके बाद ही छोटी मंडी का कारोबार यहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।

ज्ञात रहे जिले में अनाज के साथ अब फल-सब्जी का कारोबार भी बढ़ता जा रहा है। पहले हाट मैदान में सब्जियों की नीलामी हाेती थी, लेकिन समय के साथ कृषि उपज मंडी प्रबंधन ने टंकी चौराहे स्थित मंडी परिसर में आलू, प्याज और लहसुन की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करा दी। कुछ सालों तक तो यहां की व्यस्था सुचारू रूप से चलती रही, पर इन फसलों की आवक बढ़ने के साथ यह परिसर भी छोटा पड़ने लगा। हालात यह हो गए कि महज 10-12 हजार बोरियों की आवक होने पर ही मंडी की अव्यवस्थाओं के कारण बेरछा रोड और एबी रोड का यातायात ठप हो जाता है।

यातायात व्यवस्था भी नहीं बिगड़ेगी

फल-सब्जी मंडी के लिए परिसर में अलग से गेट बनाया है। अनाज लाने वाले किसानों के वाहनों के प्रवेश का द्वार अलग रहेगा। इससे मंडी के बाहर जाम लगने की परेशानी भी खड़ी नहीं होगी। इधर, टंकी चौराहे सहित बेरछा व एबी रोड पर भी यातायात व्यवस्था सुधर जाएगी।

फल-सब्जी मंडी के लिए बन रहा अलग प्रवेश द्वार।

समय पर काम नहीं तो अगले साल मिलेगी सुविधा

मल्टी यूटिलिटी भवन निर्माण का काम अपने अंतिम चरणों में चल रहा है। ठेकेदार के अनुसार वे जल्द से जल्द काम निपटाकर मंडी बोर्ड को हैंडओवर कर देंगे। इधर, व्यापारियों के मुताबिक समय पर काम पूरा नहीं होने की स्थिति में उक्त भवन की सुविधा मिलने के लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। मंडी बोर्ड के इंजीनियर दिनेश गुप्ता ने बताया कि भवन निर्माण के अंतिम समय में ही विशेष ध्यान रखना पड़ता है, ताकि किसानों और व्यापारियों के लिए बनाए गए इस भवन में कोई कमी नहीं रह जाए।

किसानो और व्यापारियों को राहत मिलेगी

फल-सब्जी मंडी के बड़े परिसर में शिफ्ट होने से किसानों, व्यापारियों के साथ मंडी बोर्ड को भी फायदा होगा। किसानों को उनकी उपज बेचने के लिए अच्छी जगह मिल जाएगी, तो व्यापारियों के लिए भी कई सुविधाएं रहेगी। इधर, मंडी परिसर के बाहर होने वाले सौदे के कारण मंडी को टैक्स नहीं मिल पाता। मंडी शिफ्ट होने के बाद रविवार को हाट मैदान में हो रही खुली नीलामी भी यहीं से होना शुरू हो जाएगी।

अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती होगी कम

टंकी चौराहे स्थित मंडी में आवक का दबाव ज्यादा होने पर मंडी प्रबंधन को यहां भी अपने कर्मचारियों को तैनात करना पड़ता है। ऐसे में अनाज के साथ फल-सब्जी मंडी भी एक ही परिसर में लगने से कर्मचारियों को यहां से वहां भागना नहीं पड़ेगा। साथ ही एक ही समय में सारा लेखा-जोखा भी तैयार हो जाएगा। वर्तमान परिस्थिति में कर्मचारियों को देर शाम तक टंकी स्थित मंडी में ही काम निपटाना पड़ता है।
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