पाम तेल के आयात लायसेंस जारी करने से उद्योग खुश नहीं

Shajapur News - इंदौर| भारत सरकार ने 11 लाख टन रिफाइन पाम तेल के आयात लायसेंस जारी कर दिए हैं। इसके साथ शर्त यह लगाई है कि केवल...

Feb 22, 2020, 08:00 AM IST

इंदौर| भारत सरकार ने 11 लाख टन रिफाइन पाम तेल के आयात लायसेंस जारी कर दिए हैं। इसके साथ शर्त यह लगाई है कि केवल इंडोनेशिया से ही आयात किया जा सकेगा। आयात लायसेंस जारी करने से भारतीय बाजारों में उपलब्धि सुगम होगी। हालांकि उद्योग इस कदम से हैरान है। शायद वह चाहता है कि देश में खाद्य तेलों की कमी बनी रहे और उसका कारोबार मनमाने तरीके से चलता रहे।

उल्लेखनीय है कि 8 जनवरी को पाम तेल के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था। लायसेंस प्रणाली के अंतर्गत ले लिया था। डीजीएफटी को आयात के लिए 100 से अधिक आवंटन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदकों को 11 लाख टन आयात करने के लिए लायसेंस जारी कर दिए हैं। आवेदन में आयातकों को मूल उत्पत्ति वाले देश का उल्लेख करना जरूरी था, और सभी ने इंडोनेशिया का उल्लेख किया है। किसी भी आवेदक ने मलेशिया से आयात करने का उल्लेख नहीं किया है।

अधिकारियों द्वारा भी विरोध

लायसेंस आवंटन और वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को हैरान कर दिया है। साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर पामोलीन आयात की अनुमति देने से इस जिंस को सीमित सूची में रखने का उद्देश्य ही विफल हो गया है। बताया जाता है कि वाणिज्य मंत्रालय के कुछ अधिकारी भी लायसेंस देने का विरोध कर रहे हैं, अर्थात् महंगा तेल बिकवाकर तेल उद्योग को मालामाल करवाना चाहते हैं। घरेलू बाजार में खाद्य तेलों में आई तूफानी तेजी के बाद भारत को आयात नीति में परिवर्तन के लिए प्रेरित किया है। तेल उद्योग के अनुसार जनवरी में पाम तेल का आयात 27 प्रतिशत घटा है। 31 अक्टूबर विपणन वर्ष के दौरान 94 लाख टन पाम तेल का आयात किया गया है, जिसमें 27 लाख टन रिफाइन पाम तेल सम्मिलित है।

भारत में पाम, सोया एवं सनफ्लावर के बीच अंतर कम होने से सोया -सनफ्लावर का आयात में वृद्धि हो रही है। नवंबर- जनवरी के बीच पाम तेल का आयात 13.5 प्रतिशत घटकर 20.04 लाख टन हुआ, जबकि सनफ्लावर तेल का आयात 26.8 प्रतिशत बढ़कर 7.53 लाख टन और सोया तेल का आयात 24.9 बढ़कर 5.93 लाख हुआ।

एनसीडीईएक्स में कट के बाद इंदौर- देवास के प्लांटों ने भाव घटा दिए। प्रकाश ने 17 फरवरी को 845 रुपए के भाव खोले थे और 21 फरवरी को 818 रुपए में। वैश्विक स्तर पर ऐसी कोई गिरावट नहीं आई है। अत: स्पष्ट आभास होता है कि वायदे की कट को प्रभावित करने के लिए भाव ऊंचे खोल रखे थे। शिवरात्रि की वजह से सोया तेल में उल्लेखनीय कामकाज का अभाव रहा। केएलसीई पहले सत्र में 20 प्लस और दूसरे सत्र में 34 प्लस बंद। शिकागो में सोया तेल 4 प्लस चल रहा था। प्लांटों में सोया तेल शांति ओव्हरसीज 817 कालापीपल केशव 818 अविएग्रो बजरंग 820 विप्पी महाकाली 825 धानुका वार-टू-वार 810 एमएस 805 मंदसौर 809 इंदौर पाम 825 रुपए। राजस्थान में सरसों तेल कच्ची घानी 810 कांडला पाम 765 सीपीओ 700 सोया डीगम 768 सोया रिफाइन 795 के बाद 797 रुपए।

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