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21 फरवरी को 117 साल बाद दुर्लभ योग में मनेगा महाशिवरात्रि पर्व

Shajapur News - इस वर्ष शुक्रवार 21 फरवरी को 117 साल बाद दुर्लभ योग में महाशिवरात्रि पर्व है। हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की...

Feb 15, 2020, 09:31 AM IST

इस वर्ष शुक्रवार 21 फरवरी को 117 साल बाद दुर्लभ योग में महाशिवरात्रि पर्व है। हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिव पूजा का महापर्व शिवरात्रि मनाया जाता है।

पंडित जीतेन्द्र चौबे के अनुसार जब सूर्य कुंभ राशि और चंद्र मकर राशि में होता है तब फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की रात यह पर्व मनाया जाता है। 21 फरवरी की शाम 5.36 बजे तक त्रयोदशी तिथि रहेगी उसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। शिवरात्रि रात्रि का पर्व है और 21 फरवरी की रात चतुर्दशी तिथि रहेगी इसलिए इस साल यह पर्व 21 फरवरी को मनाया जाएगा।

शिवरात्रि पर 117 साल बाद शनि और शुक्र का दुर्लभ योग बन रहा है। इस कारण इस बार शिव भक्तों में काफी उत्साह है। अन्य शिव मंदिरों में भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जटाशंकर पर्यटन क्षेत्र में पञ्च कुंडीय यज्ञ सहित नगर के अन्य मंदिरों में अनुष्ठान की तैयारी की जा रही है।

21 फरवरी को रहेगा सर्वार्थ सिद्धि योग, नए कार्यों के लिए शुभ

21 फरवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। पूजन और नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह योग शुभ है। इस साल शनि ने 23 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश किया है। शिवरात्रि यानी 21 फरवरी पर शनि के साथ चंद्र भी रहेगा। शनि.चंद्र की युति की वजह से विष योग बन रहा है। इस साल से पहले करीब 28 साल पहले शिवरात्रि पर विष योग 2 मार्च 1992 को बना था। इस योग में शनि और चंद्र के लिए विशेष पूजा करनी चाहिए। शिवरात्रि पर यह योग बनने से इस दिन शिव पूजा का महत्व और अधिक बढ़ गया है।

बुधादित्य व कालसर्प योग भी

21 फरवरी को बुध और सूर्य कुंभ राशि में एक साथ रहेंगे इस वजह से बुध आदित्य योग बनेगा। इसके अलावा इस दिन सभी ग्रह राहुकेतु के मध्य रहेंगे इस वजह से कालसर्प योग भी बन रहा है। शिवरात्रि पर राहु मिथुन राशि में और केतु धनु राशि में रहेगा। शेष सभी ग्रह राहु केतु के बीच रहेंगे। सूर्य और बुध कुंभ राशि में शनि और चंद्र मकर राशि में मंगल और गुरु धनु राशि में शुक्र मीन राशि में रहेगा। सभी ग्रह राहु.केतु के बीच होने से सर्प योग बनेगा।

1903 में बना था ऐसा दुर्लभ योग

पंडित चौबे के अनुसार इस साल शिवरात्रि पर शनि अपनी स्वयं की राशि मकर में और शुक्र ग्रह अपनी उच्च राशि मीन में रहेगा। यह एक दुर्लभ योग है जब यह दोनों बड़े ग्रह शिवरात्रि पर इस स्थिति में रहेंगे। 2020 से पहले 25 फरवरी 1903 को ठीक ऐसा ही योग बना था और शिवरात्रि मनाई गई थी। इस साल गुरु भी अपनी स्व राशि धनु राशि में स्थित है। इस योग में शिव पूजा करने पर शनि गुरु शुक्र के दोषों से भी मुक्ति मिल सकती है।

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