आिखर... सब्र टूटा, अब समय की परीक्षा
ज्योतिरादित्य सिंधिया के बुधवार को भाजपा में शामिल हो जाने के बाद अचानक फिर प्रासंगिक हो गया राहुल गांधी का सब्र और समय वाला ट्वीट। सिंधिया के करियर के ये तीन पड़ाव भी सबसे अहम..
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मप्र में विधानसभा चुनाव के बाद एक साल से उपेक्षा झेल रहे ज्योतिरादित्य भाजपा में शामिल हो गए। बड़ौदा राजपरिवार ने सिंधिया और मोदी के बीच मध्यस्थता कराई
भाजपा में शामिल होते ही पार्टी ने सिंधिया को राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया। संभवत: 13 मार्च को वे भोपाल आकर राज्यसभा के लिए पर्चा भर सकते हैं। चर्चा यह भी है कि उन्हें केंद्र में मंत्री भी बनाया जा सकता है।
13 दिसंबर 2018... सीएम की कुर्सी का विवाद, और फिर यह तस्वीर**
18 दिसंबर 2001... जब कांग्रेस में शामिल हुए**
11 मार्च 2020... और बुधवार को भाजपा के मंच पर **
2001 में पिता माधवराव के निधन के तीन महीने बाद ज्योतिरादित्य कांग्रेस में शामिल हो गए । सोनिया से मिलाने उन्हें स्वयं दिग्विजय सिंह गए थे।
एक साल बाद उन्होंने गुना से चुनाव लड़ा, जो पिता के निधन से खाली हो गई थी। वो भारी बहुमत से जीते। 2002 की जीत के बाद वो 2004, 2009 और 2014 में भी सांसद निर्वाचित हुए।
राहुल ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की जीत के बाद सिंधिया और कमलनाथ के साथ यह फोटो ट्वीट कर टॉलस्टॉय के शब्दों में लिखा था। दो सबसे ताकतवर योद्धा है-सब्र और समय।
दैनिक भास्कर में प्रकाशित फोटो उस समय का है जब सिंधिया-कमलनाथ में मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद चल रहा था और राहुल गांधी ने दोनों के बीच मध्यस्थता कर सिंधिया काे सब्र और कमलनाथ को राजनीति का समय बताया था।
समय**
सब्र**
कुल पृष्ठ 16+8=24, मूल्य ~ 5.00 (मधुरिमा आज) | वर्ष 15, अंक 48, नगर
12 राज्य | 65 संस्करण**
चैत्र कृष्ण पक्ष-3, 2076**
उज्जैन, गुरुवार 12 मार्च, 2020 **