देवशयनी एकादशी से बैजनाथ मंदिर में श्रावण के अनुष्ठानों की शुरुआत भी हुई

Shajapur News - भास्कर संवाददाता | आगर मालवा अषाढ़ शुल्क एकादशी से प्रारंभ माने जाने वाले चातुर्मास व श्रावण के कार्यक्रमों की...

Jul 13, 2019, 06:35 AM IST
भास्कर संवाददाता | आगर मालवा

अषाढ़ शुल्क एकादशी से प्रारंभ माने जाने वाले चातुर्मास व श्रावण के कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है। शुरुआत होते ही भक्तों का शिव मंदिरों में पहुंचना भी शुरू होने लगा है। सुबह से मंदिरों में दर्शनार्थी बड़ी संख्या में पहुंचे। बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर में तो कतार में लगकर श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर में भजन-कीर्तन भी शुरू हाे गए। सुबह बाबा का अभिषेक करने के साथ पूजन अर्चन किया गया।

अषाढ़ शुल्क एकादशी से चार माह तक शुभ कार्य नहीं होते है। इन माह में पूजा पाठ और साधु-संतों के चातुर्मास का लाभ जनता द्वारा लिया जाता है। एकादशी पर शुक्रवार को बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर में भी भक्तों ने बाबा के दर्शन किए। इस दिन से शादियों का दाैर रुक गया। अब चार माह बाद शादियों के लिए शुभ मुहूर्त निकलेंगे। जब देव शयन करने जाते हैं तो शुभ कार्य होना बंद हो जाते है। मान्यता है की देवशयनी एकादशी से देव प्रबोधिनी एकादशी तक का समय चातुर्मास कहलाता है। अब चार माह बाद देवप्रबोधिनी एकादशी आएंगी। जब देव फिर से चैतन्य होंगे। इसके बाद ही शादी विवाह के मुहूर्त निकलेंगे। शुभ कार्य पर विराम लगने से 4 माह तक व्यापार भी प्रभावित होगा।

पूर्णिमा से श्रावण माह शुरू-चार माह तक जारी चातुर्मास के दौरान अनेक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उसी में से एक श्रावण माह रहता है। जो शिव आराधना का माह है। इस माह में प्रतिदिन श्रद्धालु शिव मंदिरों में दर्शनार्थ जाते हैं। इस वर्ष भी पूर्णिमा से यह धार्मिक उत्सव शुरू हो जाएगा। इसकी तैयारी नगर के सभी मंदिरों में चल रही है। खासकर यहां के बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर जो आस्था का केंद्र है।

बाबा के अभिषेक के साथ जमने लगा भक्ति का रंग- बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर में श्रावण माह शुरू होने से पांच दिन पूर्व ही भक्त मंडल द्वारा पूजा प्रारंभ कर दी जाती है, जो श्रावण समाप्ति के पांच दिन बाद तक निरंतर जारी रहती है। इस वर्ष भी यह पूजा शुक्रवार से मंदिर में बाबा बैजनाथ के अभिषेक के साथ भक्त मंडल द्वारा शुरू की गई। परिसर में स्थित मंगलनाथ मंदिर, वराह मंदिर, हनुमान मंदिर, गणेश मंदिर सहित बैजनाथ महादेव मंदिर में साफ-सफाई के कार्य शुरू कर मंदिर को आकर्षण रूप दिया जा रहा है।

इस वर्ष भी उमड़ेगा आस्था का सैलाब- श्रावण माह में शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ने लगता हैं। इसको लेकर प्रशासन द्वारा दर्शन के लिए अलग व्यवस्था भी की जा रही है। बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर में विकास कार्य इन दिनों गति पकड़ते दिखाई दे रहे हैं। मंदिर के सामने स्थित नंदी गृह को आकर्षक रूप देकर सजाया गया है। वहीं पंडितों के बैठने के स्थान को भी सुंदर बनाया गया है। वहीं मंदिर की उत्तर दिशा में भस्म कुंड को भी प्रशासन द्वारा आकर्षक रूप दिया जा रहा है।

मंडलियों के सदस्यों ने शुरू किया उत्तर पूजन

बैजनाथ महादेव मंदिर में तीन भक्त मंडलियों के सदस्यों ने शुक्रवार को एकादशी से श्रावण उत्तर पूजन शुरू किया। सवा महीने (40 दिन) तक तीनों मंडलियों के सदस्य डेढ़-डेढ़ घंटा बाबा का पूजन पाठ, भजन कर आराधना करेंगे। उत्तर पूजन शुरू होते ही मंदिर परिसर शिव भक्ति से ओत प्रोत हो गया। हालांकि श्रावण माह 17 जुलाई से शुरू होगा, लेकिन उत्तर पूजन करने वाले भक्त भादो सुदी पंचमी को श्रावण समाप्ति करेंगे।उत्तर पूजन करने वाले भक्तों की तीन मंडलियां हैं। पहली मंडली के सदस्य सुबह 4.30 बजे पहुंचे। ये भक्त सालभर इसी समय मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं। उसके बाद बड़ी मंडली व तीसरी मंडली के सदस्यों ने पूजा अर्चना की। मंडली के सदस्यों ने पंचामृत पूजन, सामूहिक प्रार्थना, भजन व अारती की



बैजनाथ जाने वाले दोनों रास्तों पर बिजली की मांग

एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने शुक्रवार को कलेक्टर के नाम का ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर अवधेश शर्मा को सौंपकर बैजनाथ महादेव मंदिर जाने वाले मुख्य एवं जिला जेल के पीछे वाले रास्ते पर बिजली व्यवस्था किए जाने की मांग की। ज्ञापन में इन्होंने लिखा है कि श्रावण महोत्सव एकादशी से शुरू हो चुका है। इसके चलते श्रद्धालु यहां दर्शन करने आएंगे। रात के समय दोनों रास्तों पर अंधेरा रहता है। इसके कारण भक्ताें को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्होंने लोगों की सुविधा के लिए जल्द व्यवस्था नगर पालिका के माध्यम से करवाए जाने की मांग की। इस अवसर पर एनएसयूआई के विधानसभा अध्यक्ष अनमोल वर्मा, तुषार पंडया, शिवराज सिंह राजपूत, कान्हा तिवारी, धर्मेंद्र राजपूत आदि मौजूद थे।

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