कर्ज माफी नहीं होने से सहकारी सोसायटियों से जुड़े 10 हजार किसान हो जाएंगे ओवरड्यू, भरनी होगी पैनल्टी

Shajapur News - भास्कर संवाददाता| आगर-मालवा जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत बैंक से लिया कर्ज माफ होने की राह देख रहे...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 09:15 AM IST
Shajapur News - mp news ten thousand farmers belonging to cooperative societies will become overdue due to non debt waiver
भास्कर संवाददाता| आगर-मालवा

जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत बैंक से लिया कर्ज माफ होने की राह देख रहे किसानांे को 15 जून के बाद दोहरी मार पड़ने की संभावना नजर आ रही है। जिले की 55 सहकारी सोसायटियों से जुड़े 10 हजार से अधिक किसान इस दिन के बाद ओवरड्यू हो जाएंगे और उन्हें 2 फीसदी पेनल्टी भी भुगतना पड़ेगी। साथ ही आने वाली फसल बोने के लिए खाद-बीज लेने में भी परेशानी होगी। सूत्रों की माने, तो ऋण माफी से संबंधित जो आदेश आ रहे हैं उनमें से आधे से ज्यादा मौखिक है। जो फोन पर दिए जा रहे है। ऐसे में इस काम से जुड़े अधिकारी भी परेशान हो रहे हैं।

जानकारी के अनुसार जिले में 59 हजार किसान ऐसे हैं जिन्होंने किसी ना किसी प्रकार का ऋण लिया था। इनमें से 53 हजार किसानों ने ऋण माफी के लिए आवेदन जमा किए थे। करीब 32 हजार किसानों के ऋण माफी प्रकरण स्वीकृत हो चुके हैं। 9 हजार ऐसे किसान थे जिन पर 50 हजार से कम बकाया था। उन किसानों के ऋण का समायोजन हो चुका है, लेकिन 16 हजार किसान ऐसे हैं जिनके ऊपर 50 हजार से लेकर 2 लाख तक का कर्ज हैं। आदेश यह है कि इन किसानों को बुलाकर समझाया जाए तथा उन पर बकाया राशि जमा नामे की जाए। जिसे सामान्य भाषा में अल्टी पल्टी कहा जाता है। आदेश के बाद किसानों को सोसायटी बुलाया जा रहा है, लेकिन एक किसान को समझाने व उस पर बकाया रकम को नामे जमा करने में आधे घंटे से अधिक का समय लग रहा हैं। ऐसे में यदि बैंक प्रबंधक 15 घंटे काम भी करेंगे, तो भी दो दिन में अधिक से अधिक 6 हजार किसानों के कर्ज माफी की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। बाकी बचे 10 हजार से अधिक किसान 15 जून के बाद ओवरड्यू हो जाएंगे। ओवरड्यू होने पर इन्हें बकाया रकम पर दो प्रतिशत पेनल्टी देनी होगी।

जो किसान 15 जून के बाद ऋण राशि जमा न होने से ओवरड्यू हो जाएंगे उन्हें पेनल्टी भुगतने के साथ ही खाद-बीज व नकद राशि भी नहीं मिल पाएगी। ऐसे किसान समय पर फसल की बुआई नहीं कर सकेंगे। जबकि क्षेत्र में 15 से 30 जून के बीच खरीफ फसल की बुआई का काम शुरू हो जाता है। खेत तैयार करने होते हैं ।

राष्ट्रीयकृत बैंकों से जुड़े किसानों को भी होगी परेशानी

सोसायटियों से जुड़े किसानों के अलावा जिन किसानों ने राष्ट्रीयकृत बैंकों से कर्ज लिया है उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अभी तक इन बैंकों से जुड़े 1500 किसानों को ही कर्ज माफी योजना का लाभ मिला है। जो राशि स्वीकृत हुई थी उसमें ही 156 किसान से अधिक और बचे है। किसान संघ के जिला मंत्री रामनारायण तेजरा का कहना है कि राष्ट्रीयकृत बैंकों से भी 10 हजार से अधिक किसानों ने कर्ज ले रखा है जिनको अभी तक कर्ज माफी योजना का लाभ नहीं मिला है। संघ के जिलाध्यक्ष सीताराम प्रजापत, जिला मंत्री तेजरा व जिला प्रवक्ता प्रमोद जोशी ने मांग की है कि ऋण अदा करने की तारीख 15 जून से बढ़ाकर 30 जून की जाए अन्यथा किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। राष्ट्रीय कृत बैंकों के कितने किसानों की अब तक कर्ज माफी नहीं हो पाई है इसकी जानकारी देने को अग्रणी बैंक प्रबंधक तैयार नहीं नजर आए। किसान संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीयकृत व ग्रामीण बैंकों ने एक वर्ष से अधिक समय के कर्जदार किसानों से पेनल्टी वसूलनी भी शुरू कर दी हैं।

ओवरड्यू होने से बचने के लिए कुछ किसान ऐसे भी हैं जो अपनी तरफ से बैंक में राशि जमा करना चाहते हैं, लेकिन जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपने चना, मसूर, सरसो की फसल बेची थी उनमें से 1200 किसान ऐसे हैं जिनके खाते में अब तक राशि नहीं डाली गई है। जिले में 4 हजार 900 किसानों ने समर्थन मूल्य पर ये फसलें बेची थी। जानकारी के अनुसार 1200 किसानों को 10 करोड़ 49 लाख रुपए की यह राशि मिलना है। गत दिवस यह राशि 12 करोड़ 92 लाख थी, लेकिन गुरुवार को विपणन संघ के पास 2 करोड़ 43 लाख रुपए की राशि आ चुकी हैं, लेकिन अभी तक बैंकों को यह राशि नहीं मिली है।

मामले में बैठक लेकर दे चुका हूं निर्देश


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