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तीन मंत्रियों के क्षेत्र में आने वाला गांव राजस्व रिकॉर्ड में मजरा टोला

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 04:40 AM IST

Shajapur News - गांव के पश्चिम की तरफ से लिए गए इस फोटो में दोनों जिले की सीमा में बसे घर एक ही गांव के रूप में दिखाई दे रहे हैं। 21...

Shajapur News - mp news village coming into the area of three ministers in the revenue records
गांव के पश्चिम की तरफ से लिए गए इस फोटो में दोनों जिले की सीमा में बसे घर एक ही गांव के रूप में दिखाई दे रहे हैं।

21 साल पहले नई बसाहट हुई- 21 साल पहले 1997 में लखुंदर बांध बनने के बाद शाजापुर जिले के ग्राम बेसरापुर व देवास जिले के देवधर्मराजपुरा (देरा) भी डूब क्षेत्र में आने से नई जगह बसाहट करना पड़ी। बेसरापुर को वैसे तो डेम के पश्चिम की तरफ बसाया गया, लेकिन यहां के 15-20 लोगों की जमीन डैम के पूर्वी दिशा में होने से इन लोगाें ने डेम के पूर्व दिशा में ही मकान बना लिए। देवास जिले के देवधर्मराजपुरा को भी जिस स्थान पर बसाया गया। वहां से करीब 5-6 परिवार के लोगों को अपनी खेती में कुछ दिक्कतें थी और वे भी बेसरापुर की बसाहट के समीप आ गए। हालांकि दाेनों ही गांव के लोगों ने राजस्व सीमा के मान से अपने-अपने जिले की सीमा में ही मकान बनाए हैं।

बच्चों को पढ़ने के लिए बदलना पड़ता है जिला

वैसे तो देरा गांव देवास जिला का हिस्सा है। लेकिन इनकी बसाहट बेसरापुर में है। इसलिए इन्हें पढ़ने के लिए शाजापुर जिले में आना पड़ता है। क्योंकि बेसरापुर शाजापुर जिले का मजरा टोला के नाम से दर्ज है। इसे पूर्ण गांव का दर्ज नहीं मिला है।

वोट डालने 10 किमी दूर जाते हैं ग्रामीण

शाजापुर विधानसभा में जुड़े बेसरापुर पूर्वी के लोगों को वोट डालने के लिए भी 10 किमी दूर डैम के पश्चिम दिशा में बसे बेसरापुर पश्चिम में जाना पड़ता है। बावजूद यहां रहने वाले लोग वोट को लेकर इतने जागरूक हैं कि 3-4 घंटे का समय खर्च करके वे 10 किमी दूर बने मतदान केंद्र पर जाकर अपने मताधिकार का उपयोग करते हैं। देवास के देवधर्मराजपुरा गांव के लोगांे को यहां से करीब 3 किमी दूर अपने मूल गांव में जाकर वोट डालना पड़ता है।

ये हैं पूरे गांव के मापदंड

अधीक्षक भू-अभिलेख एचएस नामदेव ने बताया पूर्ण गांव का दर्जा देने के लिए कुछ मापदंड है। इसमें क्षेत्रफल की दृष्टि से गांव में 80 हैक्टेयर जमीन होना अनिवार्य है। आबादी 150 से ज्यादा हो और मूल गांव से डेढ़ किमी की दूरी पर हो, तभी पूर्ण गांव का दर्जा मिलता है। फिलहाल जिले की 326 ग्राम पंचायतों के 635 गांव राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। मतदान केंद्र के लिए भी कम से कम 300 मतदाता का होना अनिवार्य है। दूसरे जिले की भौगोलिक सीमा में बसी आबादी को इसमें नहीं जोड़ा जा सकता।

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