नदियों में पानी आया तो किनारे खोदकर रोज निकाल रहे 50 ट्रॉली रेत कालीसिंध और लखुंदर के बीस किमी लंबे किनारों पर बना दी खाई

Shajapur News - भास्कर संवाददाता | बोलाई/शाजापुर नदियों में रेत खनन करने पर 15 जून से प्रतिबंध लगा है, इसके बाद भी नदियों से रेत...

Jul 14, 2019, 09:15 AM IST
Shajapur News - mp news when water came in water 50 trolley extracted by digging the edges made the sand on kalindhind and lakhundar39s twenty km long edges
भास्कर संवाददाता | बोलाई/शाजापुर

नदियों में रेत खनन करने पर 15 जून से प्रतिबंध लगा है, इसके बाद भी नदियों से रेत माफिया हर दिन बड़ी मात्रा में खनन कर रहे हैं। नदियों में पानी आने के बाद अवैध कारोबार करने वालों ने नदी की कराड़ (किनारे) खोदना शुरू कर दिए। कालीसिंध और लखुंदर नदी से प्रतिदिन 50 से ज्यादा ट्राॅली रेत निकाली जा रही है, जिससे किनारों पर अब 50-50 फीट की खाईनुमा गुफा दिखने लगी है। खनिज विभाग के अफसर तर्क दे रहे हैं कि लगातार कार्रवाई करते हुए रेत परिवहन को लेकर 12 दिनों में 8 वाहनों को पकड़ कर सवा लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। अवैध खनन जिले के ग्राम सुंदरसी, देवलाबिहार व दास्ताखेड़ी से लेकर सकतखेड़ी, निछमा से निकली कालीसिंध नदी और नैनावद, मंडावद गुंदडलिया सतगांव रूपाखेड़ी होते हुए आगर जिले के कई गांवाें में किया जा रहा है। विभागीय अफसरों की दबिश के दौरान अवैध कारोबार करने वाले लोग पुराना स्टाॅक बताकर अफसरों की आंख में धूल झोंक रहे हैं। इधर, जिम्मेदार खनिज विभाग के अफसर स्टाॅफ की कमी का हवाला देते हुए कार्रवाई करने से पल्ला झाड़ लेते हैं।

कालीसिंध नदी के किनारों पर हर दिन खुदाई करने से किनारे पर गहरे खाईनुमान बड़े-बड़े गड्‌ढे हो गए हैं। तेज बहाव में किनारों में कटाव होने लगेगा।

लालच देकर जमीन पर कर रहे खुदाई

भास्कर पड़ताल में यह बात सामने आई कि नदी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों को रुपए का लालच देकर किसानों की जमीन पर खुदाई की जा रही है। यहां हर कोई नदी से सटी जमीन को अपनी जमीन बताकर खुदाई करना शुरू कर देता है। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना कर भास्कर ने प्रमुखता से इस मामले को प्रकाशित किया, लेकिन आज तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

हर दिन 50 से ज्यादा रेत से भरी ट्राॅलियां निकल रही

बारिश से पहले जेसीबी से नदी के तल में गहराई तक खनन कर नदियों की सूरत बिगाड़ने वाले माफिया ने पानी भरते ही खनन का नया तरीका निकाल लिया है। बेखौफ होकर किनारों को काटकर रेत निकालने लगे हैं। नदी तट पर हो रहे खनन को लेकर भास्कर ने पड़ताल की तो हर दिन चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। सुंदरसी से दास्ताखेड़ी तक हर दिन 50-60 ट्राॅली रेत निकाली जा रही है।

20 किमी क्षेत्र में नदी किनारे हो रहा खनन

सुंदरसी, सेमली व देवलाबिहार से सकतखेड़ी निछमा के बीच से निकली कालीसिंध नदी पर पूरी तरह रेत माफिया ने कब्जा का लिया है। नतीजतन करीब दो साल से नदी के अंदर रेत की कमी हो गई है। नदी को उबड़-खाबड़ व जगह-जगह मौत के घाट बनाने के बाद अब नदी के करीब 20 किमी क्षेत्र में कई जगह नदी के किनारों को 50 मीटर दूर तक खोद कर खाई में तब्दील कर दिया है।

निजी जमीन पर खनन किया जा रहा होगा


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