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जनसुनवाई में सुनने वाले अफसर ही नहीं, जिनके भरोसे सुनवाई उन्हें कुछ जानकारी ही नहीं

जनसुनवाई में सुनने वाले अफसर ही नहीं, जिनके भरोसे सुनवाई उन्हें कुछ जानकारी ही नहीं भास्कर संवाददाता | शाजापुर...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:20 AM IST
जनसुनवाई में सुनने वाले अफसर ही नहीं, जिनके भरोसे सुनवाई उन्हें कुछ जानकारी ही नहीं

भास्कर संवाददाता | शाजापुर

जन सुनवाई कार्यक्रम शाजापुर में मजाक बनकर रह गया। जिलेवासी समस्या जिले के बड़े अफसरों को सुना ही नहीं पाते। आमजनों से दूरियां बनाए रखने वाले अफसर जनसुनवाई में भी नहीं आते। जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद भी उन्हें परिवीक्षा अवधी वाले अफसरों को ही समस्या सुनाना पड़ती है। इस बार भी जिलेभर से समस्याएं लेकर आए लोगों को कलेक्टोरेट के जन सुनवाई हाल में दोपहर तक परेशान होना पड़ा। कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम कोई भी नहीं था। ऐसे में जिला संयोजक अजाक निशा मेहरा, नवागत डिप्टी कलेक्टर प्रियंका वर्मा और जिपं एडिशन सीईओ एच.एल. वर्मा आवेदन लेते रहे। हालांकि इनमें से कई अफसरों को यही नहीं पता था कि समस्या का हल कौन करेगा। वे आवेदकों को टरकाते रहे।

अफसरों से बात करूंगा- जनसुनवाई में अफसर मौजूद नहीं रहते तो गलत है। मैं बात करूंगा। समस्याओं को निपटाना ही उनकी प्राथमिकता होना चाहिए। -दीपक जोशी, प्रभारी मंत्री शाजापुर