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नेताओं व सरकार ने खर्च किए 2 करोड़ 97 लाख, तब साढ़े तीन लाख वोटर्स ने किया मतदान

Shajapur News - प्रत्येक वोटर पर खर्च हुए 85 रुपए अजय झंजी | आगर-मालवा 28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में जिले की आगर व सुसनेर...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 05:01 AM IST
Susner News - politicians and government spent 2 million 97 million then three and a half million voters voted
प्रत्येक वोटर पर खर्च हुए 85 रुपए

अजय झंजी | आगर-मालवा

28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में जिले की आगर व सुसनेर विधानसभा के प्रत्याशियों व सरकार ने 2 करोड़ 97 लाख 64 हजार 626 रुपए खर्च किए। इतने प्रयासों के बाद 4 लाख 20 हजार 59 में से 3 लाख 50 हजार 462 ही मतदाता मतदान कर पाए। ऐसे में खर्च की तुलना यदि मतदाताओं से करें, तो एक मतदाता पर करीब 85 रुपए खर्च हुए।

जिले की आगर विधानसभा से 8 तो सुसनेर से 9 प्रत्याशी मैदान में थे। हर प्रत्याशी को 28-28 लाख रुपए खर्च करने की छूट निर्वाचन आयोग द्वारा दी जाती है। इन 17 प्रत्याशियों ने 64 लाख 97 हजार 157 रुपए चुनाव प्रचार में खर्च किए। सबसे ज्यादा खर्च आगर के कांग्रेस प्रत्याशी विपिन वानखेड़े का 12 लाख 38 हजार 899 रुपए हुआ। उन्हीं की पार्टी के सुसनेर से उम्मीदवार महेंद्र सिंह परिहार 12 लाख 13 हजार 522 रु. खर्च करके दूसरे स्थान पर रहे।

चुनाव निष्पक्ष व बेहतर ढंग से हों, मतदान दल व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न न लगे, इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों के सतत भ्रमण हुए तथा कई बैठकें आयोजित की। 612 मतदान दलों के अलावा रिजर्व व अन्य कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने में 4 लाख रुपए खर्च हुए।

चुनाव के लिए अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनके मानदेय पर 26 लाख रुपए खर्च हुए। पीठासीन अधिकारियों को 1200 तथा बीएलओ को 750 रुपए के मान से भुगतान होता है। बता दें 612 मतदान केंद्रों पर 2448 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें से 800 कर्मचारी उज्जैन, रतलाम व देवास से बुलवाए गए थे। इसके अलावा रिजर्व में भी कर्मचारियों को रखा गया था। अनुमान के मुताबिक करीब 3 हजार अधिकारी-कर्मचारी इस कार्य में लगे थे।

41 लाख 96 हजार से अधिक का वाहन किराया

चुनाव के लिए छोटे-बड़े करीब 400 से अधिक वाहन अधिग्रहीत किए गए थे। इनमें मतदान दलों को लाने-ले जाने तथा अधिकारियों के भ्रमण व निरीक्षण आदि के लिए भी ये वाहन उपलब्ध थे। इन वाहनों का किराया 41 लाख 96 हजार 380 रुपए हुआ। जबकि इन वाहनों में 40 लाख रु. का ईंधन डीजल डलवाया गया।

मतदाता सूची प्रकाशन पर 32 लाख 78 हजार

किसी भी मतदाता का नाम छूटे नहीं इस बात को ध्यान में रखकर लगातार मतदाता सूची अपडेट की जाती रही। इतना ही नहीं घर-घर अधिकारियों को भेजा गया। दो से तीन बार सूची का प्रकाशन किया गया। सूची प्रकाशन पर 32 लाख 78 हजार 747 रुपए खर्च हो गए। जबकि प्रिंटिंग पर 5 लाख खर्च हुए।

57 लाख रुपए खर्च हुए अन्य कार्यों पर

चुनावी गतिविधियों से जुड़े छोटे-बड़े कई कार्य होते है। तात्कालीन कामों पर भी राशि खर्च करनी पड़ती है। जिसे अन्य प्रभार नाम दिया गया है। इस मद में 57 लाख 40 हजार 901 रुपए खर्च हुए। इसमें वीडियोग्राफी भी शामिल है। जबकि प्रीटिंग पर 5 लाख, लेखन सामग्री 5 लाख 27 हजार 187 खर्च हुए। करीब 2 करोड़ 9 लाख रुपए अभी तक प्रशासन के खर्च हो चूके है। जबकि 23 लाख से अधिक खर्च होने का और अनुमान है।

शत प्रतिशत मतदान हो, इस लक्ष्य को लेकर जिले में जागरूकता अभियान चलाया गया। स्वीप प्लानिंग के तहत 12 लाख 24 हजार 254 रुपए से अधिक खर्च किए गए। मतदाताओं को जागरूकता का संदेश दिया गया। गांव-गांव में इवीएम तथा वीवी पीएटी का डेमो देकर लोगों को यह बताया गया कि किस प्रकार से मतदान करना है।

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