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कंप्यूटर कोर्स के साथ नौकरी दिलाने व विदेश घुमाने का वादा कर 450 छात्रों से 70 लाख ठगे

कोतवाली में शिकायत करने पहुंचे छात्र-छात्राएं। विक्रम ने बहन की चूड़ियां और पायल गिरवीं रखकर 17 हजार जमा किए ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:25 AM IST

कंप्यूटर कोर्स के साथ नौकरी दिलाने व विदेश घुमाने का वादा कर 450 छात्रों से 70 लाख ठगे
कोतवाली में शिकायत करने पहुंचे छात्र-छात्राएं।

विक्रम ने बहन की चूड़ियां और पायल गिरवीं रखकर 17 हजार जमा किए

मयापुर गांव निवासी 10 वीं के छात्र विक्रम आदिवासी ने भी 17 हजार रुपए जमा कराए हैं। इसके लिए उसने अपनी बहन सौरम की चूडियां और पायल गिरवीं रखी हैं। विक्रम ने बताया कि राशि जमा कराने के बाद अपने नीचे 3 छात्रों को जोड़ने का दबाव बनाया। मैं छह महीने में करीब 50 छात्रों को जुड़वा चुका है। इन लोगों ने पढ़ाई के साथ रोजगार दिलाने का वादा किया था। इसके अलावा यह भी कहा था थाईलैंड घूमने का ऑफर भी मिल सकता है। हम लोगों को लगा कि यह सब सच होगा। इतने कम पैसों में यह सब कहां मिलेगा। लेकिन रोजगार, वाहन और विदेश यात्रा तो छोड़िए कंप्यूटर शिक्षा तक नहीं दी।

छात्राओं को दिया लालच, तीन महीने में मिल जाएगी स्कूटी

छात्रों के साथ स्कूल और कॉलेज की कई छात्राएं भी एपीएलएल संस्था के झांसे में आ गईं। चेन सिस्टम के जरिए कई छात्राओं ने 15 से 17 हजार रुपए जमा करा दिए। छात्रा कृष्णा मीणा ने बताया कि उन्हें लालच दिया कि तीन महीने में स्कूटी मिल जाएगी। साथ ही हवाई यात्रा करने का भी मौका मिलेगा। छात्रा मनीषा मीणा ने बताया कि संस्था से जुड़े कुछ लोग बाहर से आते थे। हमें सुबह 9 बजे बुलाकर शाम 6 बजे छोड़ते थे। कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर लेक्चर दिए। जिसमें बड़े-बड़े सपने दिखाए।

मां के गहने गिरवीं रखकर जुटाए थे पैसे

करकधा गांव में रहने वाले कक्षा 10वीं के छात्र रामबल आदिवासी ने विक्रम के कहने पर 17 हजार रुपए जमा कराए हैं। यह पैसे उसने मां के गहने गिरवी रखकर दिए थे। उसने कहा कि कंप्यूटर सेंटर चलाने वाले व्यक्ति ने इस तरह के वादे किए थे, इसलिए भरोसा कर लिया। लेकिन क्या पता था कि यह लोग हमारे साथ ठगी करने आए हैं। हम लोगों ने तो बड़ी मुश्किल से पैसे जुटाए थे।

प्रेमसर के भाई-बहन भी आए झांसे में

प्रेमसर में रहने वाले कक्षा 8वीं के छात्र हरदीप नागर ने बताया कि कंप्यूटर शिक्षा देकर डिप्लोमा दिलाने और इसी के साथ रोजगार दिलाने की बात कही थी। उसने स्वयं 17 हजार रुपए जमा कर दिए। तीन और छात्रों को नीचे जोड़ने के लिए कहा तो कक्षा 10वीं में पढ़ रही बहन ब्रजमाला के भी रुपए जमा करा दिए। अधिक से अधिक छात्रों को जोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। लेकिन अब इनकी हकीकत सामने आई है।

ऐसे चला चेन सिस्टम छात्र को बुलाकर जमा कराते थे पैसे, फिर देते थे टारगेट

पढ़ाई के साथ मोटी आमदनी का लालच छात्रों को दिया। स्किल डवलपमेंट के बहाने छात्रों को चेन सिस्टम से जोड़ा गया है। राशि जमा कराने वाला छात्र जैसे ही संस्था से जुड़ा, उसे अपने नीचे तीन छात्र जोड़ने का टारगेट दिया गया। वह छात्र अपने परिचित छात्रों को लाकर राशि जमा कराता था। इसी तरह तीनों छात्रों को अपने नीचे 3-3 के मान से 9 छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य मिला था। इस तरह चेन सिस्टम चलाकर संस्था के लोगों ने श्योपुर साढ़े चार सौ छात्रों से लाखों रुपए ऐंठ लिए।

किरायानामा पर हस्ताक्षर नहीं करने पर हुआ शक

एस्पायर कंप्यूटर एजुकेशन पाली रोड के संचालक विपिन बंसल ने एसपी को शिकायती आवेदन दिया है। विपिन ने पुलिस को बताया कि भाई विकास बंसल का तीन-चार माह पूर्व संस्था के लोगों ने कंप्यूटर सेंटर चलाने के लिए मकान किराए पर लिया था। जब भी इनसे किराएनामा के लिए कहा जाता तो यह टालने की कोशिश करते थे। जब कागज तैयार करवाकर इनसे हस्ताक्षर करने और अपने दस्तावेज देने के लिए कहा तो यह लोग तैयार नहीं हुए। गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो भवन खाली करा लिया।

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