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कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक स्वयं लेंगी प्रशिक्षण

आईईसीडीएस कार्यक्रम में विभागीय अमले और हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगातार प्रशिक्षित करते रहना कठिन काम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:25 AM IST

आईईसीडीएस कार्यक्रम में विभागीय अमले और हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगातार प्रशिक्षित करते रहना कठिन काम हो गया है। इसलिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों के लिए ई-लर्निंग प्लेटफार्म तैयार कराया है। वर्चुअल लर्निंग प्लेटफार्म के उपयोग से प्रशिक्षण को स्मार्ट बनाने का प्रयास किया है। वर्तमान में प्रशिक्षण केन्द्रों में उपयोग किए जा रहे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को ही ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम “आंगनबाड़ी शिक्षा’ पोर्टल में परिवर्तित किया जा रहा है।

एकीकृत बाल विकास सेवा आयुक्त संदीप यादव ने सभी डीपीओ को इस संंबंध में पत्र जारी किया है। यह वर्चुअल लर्निंग प्लेटफार्म प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व पर्यवेक्षकों के लिए तैयार किया है। “आंगनबाड़ी शिक्षा’ को लागू करने से पूर्व अमले व कार्यकर्ताओं से फीडबेक भी लिया गया है।

अब 5 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंस से सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी और परियोजना अधिकारियों को ई-लर्निंग प्लेटफार्म के बारे में उन्मुखीकरण रखा है। इसके बाद 6 व 7 अप्रैल 2018 को मास्टर प्रशिक्षक तैयार किए जाएंगे। ई-लर्निंग प्लेटफार्म तैयार करने का काम हैदराबाद की सीएनके कंपनी को दिया है।

ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के उपयोग के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र के यूआरएल पर जाकर सभी प्रशिक्षणार्थियों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। एक बार रजिस्ट्रेशन कराने के बाद प्रशिक्षणार्थी यूजर आईडी एवं पासवर्ड से लॉगिन कर एक एक करके सभी मॉड्यूल का स्वयं ही प्रशिक्षण ले सकेंगे। क्योंकि इसे दुनिया के सबसे अधिक उपयोग होने वाले सशक्ति एवं सुरक्षित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम मूडल फ्रेमवर्क में तैयार किया है। ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्र्रम के रिव्यूवर, फेसिलटेटर भी होंगे जो जिला एवं परियोजना स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी कर सकेंगे।

प्रशिक्षण के काम को आसान करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग का नया प्रयास

सीखने के लिए यह व्यक्तिगत प्लेटफार्म

यह व्यक्तिगत सीखने का प्लेटफार्म है। जिससे सभी कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक अपने-अपने कार्यस्थल पर एक साथ एकरूपता में आसानी से सीख सकती हैं। इसे आसान, मनोरंजक और प्रभावी बनाया है। इस कोर्स में 7 मॉड्यूल हैं जिसमें 6 मॉड्यूल कार्यकर्ता व पर्यवेक्षक दोनों के लिए हैं और एक मॉड्यूल सेक्टर प्रबंधन केवल पर्यवेक्षकों के लिए है। इस मॉड्यूल में वृद्धि निगरानी, स्थूल व सूक्ष्म पोषक तत्व, सामुदायिक सहभागिता, सूचना शिक्षा संचार, सेक्टर प्रबंधन, कुपोषण प्रबंधन, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा शामिल है। कोर्स के हर मॉड्यूल को कुल 45 अध्यायों में बांटा है। इस कोर्स को पूरा करने में 46 घंटे लगेंगे।

प्रशिक्षण आसान करने मोबाइल एप भी बनाया

ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को मोबाइल एप के रूप में भी विकसित किया है। यह एप एंड्राइड बेस होगी। जिसका उपयोग पाठ्यक्रम पूर्ण करने के लिए कभी भी कहीं भी किया जा सकेगा। ऑनलाइन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक अपने कार्य को प्रभावी ढंग से संपादित कर सकेंगी।

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