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भास्कर संवाददाता | श्योपुर

भास्कर संवाददाता | श्योपुर अब किसी भी सरकारी कर्मचारी ने अपने माता-पिता का साथ छोड़ा तो उनके वेतन का 10 फीसदी...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 04:00 AM IST
भास्कर संवाददाता | श्योपुर

अब किसी भी सरकारी कर्मचारी ने अपने माता-पिता का साथ छोड़ा तो उनके वेतन का 10 फीसदी हिस्सा काटकर सरकार उनके माता-पिता को देगी। सरकार ने भरण-पोषण अधिनियम में यह संशोधन किया है और अब तक मां-बाप को छोड़ चुके, सरकारी कर्मचारी-अधिकारी पर भी इसके तहत कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी नौकरी मिलने के बाद कई अधिकारी-कर्मचारी अपने माता-पिता का साथ छोड़ देते है और नौकरी करने दूसरे जिलों में जाने की बात कहकर उनका ध्यान नहीं रखते है। इसके अलावा उन्हें खर्च के लिए पैसा भी नहीं देते है। ऐसी ही बढ़ती शिकायतों को देखते हुए राज्य सरकार ने भरण-पोषण अधिनियम में संशोधन किया है। जिसमें ऐसे कर्मचारी-अधिकारी अब बच नहीं सकेंगे। इन अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन में से 10 फीसदी राशि सरकार शिकायत मिलने पर उनके माता-पिता को देगी, ताकि उक्त पैसे से वह अपना भरण-पोषण कर सके। सरकार ने नए संशोधन से सभी कलेक्टर्स को अवगत करा दिया है। कलेक्टर पीएल सोलंकी ने बताया कि, इस संबंध में आदेश भी आ चुके है और ऐसे मामले में आने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उनके द्वारा माता-पिता और अधिकारी-कर्मचारी के बीच में चर्चा भी कराई जाएगी।

सरकार के परमानेंट कर्मचारी-अधिकारी ही नहीं आएंगे बल्कि, संविदा कर्मचारियों को भी इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि श्योपुर में ऐसे कोई मामले में अब तक सामने नहीं आए, लेकिन सरकार के इस संशोधन के बाद माता-पिता द्वारा मामले सामने आने लगेंगे।

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