Hindi News »Madhya Pradesh »Sheopur» 15 मार्च तक चलेगी नहर, पलेवा के बाद दूसरा पानी ले रहे किसानों के चेहरे खिले

15 मार्च तक चलेगी नहर, पलेवा के बाद दूसरा पानी ले रहे किसानों के चेहरे खिले

कोटा बैराज से चंबल मुख्य दाहिनी नहर में पानी को लेकर विवाद की स्थितियों के दौरान कृषि विभाग और सिंचाई विभाग ने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 04:00 AM IST

कोटा बैराज से चंबल मुख्य दाहिनी नहर में पानी को लेकर विवाद की स्थितियों के दौरान कृषि विभाग और सिंचाई विभाग ने ज्यादा पानी वाली फसल लेने से परहेज करने के लिए कहा था लेकिन अब स्थितियां बदली हुई हैं। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू हुई नहर 15 मार्च तक चलेगी । श्योपुर जिले की 63 हजार हेक्टेयर भूमि से जुड़े किसानों ने दूसरा पलेवा भी कर लिया है। 15 मार्च तक नहर चलने के कारण गेहूं उत्पादक कृषक तीसरे पानी का भी उपयोग कर पाएंगे।

शुरू के दिनों में राजस्थान के सिंचाई विभाग द्वारा चंबल मुख्य दाहिनी नहर में 2500 क्यूसिक ही पानी छोड़ा जा रहा है। इसके कारण श्योपुर की नहरों में ही पानी नहीं मिल रहा था। मुरैना और भिंड तक पानी पहुंचना दूर की कौड़ी साबित हो रहा था। इसीलिए कृषि विभाग और सिंचाई विभाग ने बतौर सावधानी पूर्वक किसानों से कम पानी की फसलें लेने की सलाह दी थी और ज्यादा पानी वाली फसल गेहूं की बोवनी की जगह चना लेने की सलाह दी गई थी। इसीलिए किसानों ने रवी सीजन में 50 हजार हेक्टेयर के लक्ष्य की जगह 26650 हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी करना मुनासिब समझा था।

चना का बढ़ा दिया था रकबा : चूंकि चना की फसल एक पानी में ही तैयार हो जाती है, इसलिए किसानों ने 30 हजार हेक्टेयर के लक्ष्य को देखते हुए 24870 हेक्टेयर में बोवनी करके एक तरह से चना पर पूरा ध्यान केन्द्रित कर दिया था। जबकि 45 हजार हेक्टेयर सरसों की बोवनी के लक्ष्य की उलट सिर्फ 16200 हेक्टेयर में बोवनी की। अब नहर में भरपूर पानी चलने के कारण किसान कह रहे हैं कि अगर हमने लक्ष्य के मुताबिक बोवनी की होती तो आज हमारी भी फसल लहलहाती लेकिन सिंचाई विभाग के ईई एससी गुप्ता कहते हैं कि नहर में भरपूर पानी चलेगा, इसकी उम्मीद उन्हें भी नहीं थी। ऐसे में वे कैसे किसानों को बोवनी की सलाह दे सकते थे।

मानपुर के पास खेत में लहलहाती गेहूं की फसल दिखाते किसान।

पहले तय हुआ था पलेवा के बाद मिलेगा सिर्फ एक पानी

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में जब नहर शुरू हुई तो कम पानी मिलने की आशंकाओं के बीच यह तय हुआ था कि किसानों को पलेवा और सिंचाई के लिए एक पानी ही मिल पाएगा। दिसंबर तक आते-आते स्थितियों में सुधार हुआ और दूसरे पानी के आसार बनते दिखाई दिए लेकिन जनवरी माह के समाप्त होते-होते अब जिले के किसानों को तीसरा पानी भी मिलने की संभावना बन गई है। मतलब साफ है कि जिले में नहर से सिंचाई करने वाले किसानों की फसल लहलहाने की पूरी उम्मीद है। जिले की मुख्य कैनाल के अलावा माइनर नहर में भी पानी चालू रहने से सूखाग्रस्त श्योपुर जिले किसानों को सबसे ज्यादा राहत दिख रही है।

33 क्यूसेक है पानी की रफ्तार

27 जनवरी से चंबल मुख्य दाहिनी नहर में कोटा बैराज से 33 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके कारण न सिर्फ यहां के किसान लाभान्वित हो रहे हैं बल्कि सिंचाई विभाग इस पानी को टेल एंड यानि भिंड तक भेज पा रहा है। सिंचाई अधिकारियों ने बताया कि 27 जनवरी से अंबाह ब्रांच कैनाल ( एबीसी) नहर में भी पानी चालू होने से इस समय गोहद क्षेत्र में भरपूर पानी चल रहा है। सिंचाई अधिकारियों के मुताबिक अभी फरवरी माह सिंचाई के लिए है और 15 मार्च तक नहर में पानी चलने की पूरी संभावना है। साफ है कि किसानों को सिंचाई के लिए फिलहाल भरपूर पानी मिलने की संभावना है।

सिंचाई के लिए किसानों को मिलेगा पर्याप्त पानी

कोटा बैराज से चंबल मुख्य दाहिनी नहर में इन दिनों 33 क्यूसेक पानी चल रहा है । यह नहर 15 मार्च निरंतर चलेगी। यानि श्योपुर ही नहीं भिंड-मुरैना के किसानों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। एससी गुप्ता, ईई, सिंचाई विभाग

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sheopur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×