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खुलासा गिरफ्तार युवक व लड़की है दसवीं पास पढे़े-लिखे लोगों को ही बनाते थे शिकार

कंप्यूटर शिक्षा व विदेश यात्रा के नाम पर चेन सिस्टम से लोगों को जोड़कर 70 लाख की ठगी करने वाले आरोपी व्यक्ति व उसकी...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 04:45 AM IST
कंप्यूटर शिक्षा व विदेश यात्रा के नाम पर चेन सिस्टम से लोगों को जोड़कर 70 लाख की ठगी करने वाले आरोपी व्यक्ति व उसकी सहयोगी लड़की सिर्फ दसवीं पास हैं। बावजूद वे पढ़े-लिखे लोगों को ठगते थे। इतना ही नहीं लोगों को ठगने के लिए यह दोनों अपने डॉक्यूमेंट में रतलाम जिले का एड्रेस देकर अपना कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर होने का दावा करते थे। पुलिस ने जब वहां फोन किया तो मोबाइल धारक खुद ही अपना रोना रोने लगा। उसने पुलिस को बताया कि-हम लोग तो खुद ही ठगी का शिकार हुए हैं। बहरहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

यहां बता दें कि छात्र-छात्राओं से ठगी के मामले में कोतवाली पुलिस ने शनिवार की रात गिरफ्तार आरोपी सकलदेव सिंह (33) पुत्र मुसाफिर माथुर निवासी बरवार थाना बारिस अलीगंज जिला बड़ौदा बिहार और नमृता उर्फ निराशा उर्फ शोभा राजपूत (18) पुत्री गोविंद उर्फ लखनलाल राजपूत निवासी महरोलीखुर्द जिला ललितपुर उत्तरप्रदेश से पूछताछ की। एसपी शिवदयाल सिंह ने बताया कि श्योपुर के छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर शिक्षा के साथ नौकरी दिलाने और विदेश यात्रा के सपने दिखाकर लाखों रुपए ठगने वाले दोनों आरोपियों की योग्यता के संबंधित पुलिस काे10वीं की मार्कशीट मिली है। सकलदेव स्वयं को एमएससी पास बता रहा है, लेकिन डिग्री मौजूद नहीं है। वहीं नमृता ने पुलिस के सामने स्वीकारा कि वह उत्तर प्रदेश के ललितपुर से श्योपुर कंप्यूटर की पढ़ाई करने आई है। आरोपी सकलदेव के साथ श्योपुर में उसकी प|ी रैनू बाई भी रहती है। जांच में सामने आया कि दिल्ली की स्मार्ट वैल्यू और एपीएलएल कंपनी के प्रोडक्ट बेचने की आढ़ में आरोपी ठगी का कारोबार चला रहे थे।

ठगों ने कहा था-रतलाम जिले में है हमारा कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर पुलिस ने वहां फोन किया तो लोग बोले-हम तो खुद ही ठगे गए हैं

मकान मालिक ने कहा-मैंने किराए पर दिया था अपना मकान

आरोपी सकलदेव का कहना है कि वे शहर के पाली रोड स्थित एस्पायर कंप्यूटर एजुकेशन के माध्यम से छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा दिला रहे थे। उसी सेंटर से छात्रों को सर्टिफिकेट जारी होना है। लेकिन कंपयूटर संचालक बिपिन बंसल पहले ही लिखित में एसपी को आवेदन दे चुके हैं। जिसमें उन्होंने अपना मकान पांच हजार रुपए प्रतिमाह किराए पर देना स्वीकारा है।

तीन युवतियों को एजेंट बनाकर 468 छात्र-छात्राओं को जोड़ा

कंपनी प्रोडक्ट बेचने के नाम पर आरोपी सकलदेव व नमृता ने श्योपुर की तीन युवतियाें को ऐजेंट बनाया है। तीनों से भी 17-17 हजार रुपए जमा करा लिए थे। इन्हीं लड़कियों ने शहर सहित गांव के छात्र-छात्राओं को जोड़ना शुरू कर दिया। चेन सिस्टम के जरिए कुल 468 छात्र-छात्राओं के पंजीयन किए जा चुके हैं। कंपनी से जोड़ने के लिए दो रेट तय किए हैं। कक्षा 8वीं तक के छात्रों से 14 हजार 999 रुपए और 10वीं के छात्रों से 17 हजार 999 रुपए जमा कराए। अपने नीचे तीन और छात्रों को जोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। इसके एवज में 1500 रुपए दिए जा रहे थे।

नमृता को महिला जेल ग्वालियर भेजा

कोतवाली पुलिस ने एफआईआर के बाद आरोपी नमृता राजपूत को महिला जेल ग्वालियर भेज दिया है। जबकि आरोपी सकलदेव यादव को पुलिस रिमांड पर लिया है। छात्र-छात्राओं द्वारा डीडी और सीधे खाते में राशि जमा कराई गई है। जिन खाताें में राशि जारी हुई है उन्हें सोमवार को सीज कराकर डिटेल निकलवाई जाएगी।

गुड़गांव से कंपनी केे लोग बोले-हमें कुछ नहीं मालूम: स्मार्ट वैल्यू और एपीएलएल कंपनी के नाम पर श्योपुर में छात्रों से मोटी रकम ऐंठकर कंप्यूटर शिक्षा नहीं दी। आरोपी सकलदेव ने कंपनी से जुड़े गगन और डीजी नामक दो लोगों के नाम बताए। पुलिस के संपर्क करने के बाद कंपनी की ओर से वकील आकाश शर्मा गुड़गांव से रविवार की दोपहर श्योपुर पहुंचे। श्री शर्मा ने कंपनी का सामान बेचने संबंधी बात स्वीकारी। लेकिन विधिवत कंप्यूटर सेंटर संचालन से इनकार किया है।

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