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70 लाख खर्च कर बनाया भवन फिर भी शुरू नहीं हुई मिट्‌टी परीक्षण प्रयोगशाला

Sheopur News - भास्कर संवाददाता|कराहल/विजयपुर खेती को मुनाफे का धंधा बनाकर किसानों की आमदनी दोगुनी बढ़ाने के मकसद से राज्य...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 04:55 AM IST
Sheour News - building constructed at a cost of rs 70 lakh did not start even after soil testing laboratory
भास्कर संवाददाता|कराहल/विजयपुर

खेती को मुनाफे का धंधा बनाकर किसानों की आमदनी दोगुनी बढ़ाने के मकसद से राज्य सरकार ने योजनाएं तो खूब बनाईं हैं। लेकिन बात धरातल पर अमल पर अटकी हुई है। हालात यह हंै कि विकास खंड मुख्यालयों पर किसान ज्ञान केंद्र एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला खोलने की योजना तीन साल से अधर में है। इसके लिए कराहल एवं विजयपुर में 35-35 लाख रुपए की लागत से भवन तो बन गए हैं। लेकिन तो कृषि विभाग को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं और ही अमले की पदस्थापना हुई है। जरूरी उपकरण और अमले के अभाव में विभाग ने डेढ़ साल से तैयार भवनों पर ताले लगा रखे हैं।

यह स्थिति सिर्फ कराहल और विजयपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश के सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर है। किसानों को समसामयिक सलाह मिल रही है और मिट्टी की जांच की सुविधा। कराहल और विजयपुर क्षेत्र मेंं खरीफ के बाद रबी सीजन में भी लगभग 46 हजार किसान अपने खेत की मिट्टी की जांच नहीं करा पाए हैं। किसान ज्ञान केंद्र एवं प्रयोगशाला चालू कराने में देरी के चलते जोखिमभरी खेती करने को मजबूर किसानों में असंतोष मुखर होने लगा है। किसान कृषि ज्ञान भवनों की बेकद्री के बारे में अफसरों को सचेत कर चुके हैं। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि हमने तैयारी कर ली है, अब राज्य सरकार से जरूरी संसाधन, उपकरण और प्रशिक्षित अमला मिलने का इंतजार है।

वहीं सूचना प्रौद्योगिकी स्कीम के तहत कृषि विभाग ने श्योपुर, विजयपुर एवं कराहल ब्लॉक मुख्यालय पर किसान ज्ञान केंद्र स्वीकृत किए हैं। किसानों को खेती की उन्नत तकनीक के बारे में ऑनलाइन जानकारी मुहैया कराने के उद्देश्य से इन केंद्र पर दो कंप्यूटर रखकर इंटरनेट से जोड़ा गया। लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर और कृषि वैज्ञानिकों के पद नहीं भरने की वजह से तीनों केन्द्र बंद पड़े हैं। कराहल में कंप्यूटर स्टोर रूम में धूल खा रहे हैं। खेती संबंधी जानकारी किसानों को नहीं मिल रही है। वहीं विजयपुर में कृषि प्रयोगशाला के लिए भवन बने एक साल हो चुका है। लेकिन पानी का इंतजाम नहीं होने से किसानों को मिट्टी परीक्षण की सुविधा अभी तक नहीं मिल पाई है। क्षेत्र की 85 ग्राम पंचायतों के लगभग 24 हजार किसान वर्तमान में ऐसे हैं जिन्होंने खेत की मिट्टी की जांच नहीं कराई हैं और खरीफ के बाद रबी सीजन में भी अनुमान से रासायनिक खाद का इस्तेमाल करते हैं।

विजयपुर में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का भवन तीन साल पहले ही बनकर हो चुका है तैयार।

एक साल से नहीं खुला भवनों का ताला

किसानों को खेती संबंधी आधुनिक तकनीक और मिट्टी की जांच कराने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़े, इस मंशा से राज्य सरकार ने विकास खंड मुख्यालय किसान ज्ञान केंद्र एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला संचालित करने की योजना बनाई है। निर्माण एजेंसी लघु उद्योग निगम द्वारा जनवरी-फरवरी 2017 मेंं कराहल एवं विजयपुर में भवन का काम कंपलीट कराकर विभाग को सुपुर्द कर दिया था इसके बाद कृषि विभाग ने 25-35 लाख रुपए की लागत से बने भवन पर ताला लगा दिया है। पिछले 10 महीने से नव निर्मित भवनों का एक बार भी ताला तक नहीं खुला है।

अमला मिले तो शुरू कराएं केंद्र


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