• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Sheopur
  • 6 दिन बाद मिला मैसेज, सर्वेयर नहीं आए इसलिए चना-सरसों की खरीदी में हुई देरी
--Advertisement--

6 दिन बाद मिला मैसेज, सर्वेयर नहीं आए इसलिए चना-सरसों की खरीदी में हुई देरी

समर्थन मूल्य पर 10 अप्रैल से शुरू होने वाली चना, सरसों की खरीदी छह दिन बाद सोमवार की दोपहर तक भी शुरू नहीं हो पाई। छह...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 04:50 AM IST
6 दिन बाद मिला मैसेज, सर्वेयर नहीं आए इसलिए चना-सरसों की खरीदी में हुई देरी
समर्थन मूल्य पर 10 अप्रैल से शुरू होने वाली चना, सरसों की खरीदी छह दिन बाद सोमवार की दोपहर तक भी शुरू नहीं हो पाई। छह दिन बाद मैसेज मिला तो किसान फसल बेचने के लिए खरीद केंद्र पर पहुंचे लेकिन यहां खरीदी शुरू नहीं हुई तो उन्हें वापस लौटना पड़ा। संस्था संचालकों ने बताया कि सर्वेयरों के न पहुंचने के कारण खरीदी में देरी हुई। उधर, सोमवार की दोपहर 1 बजे के बाद एलएसएस और जलालपुरा की संस्थाओं द्वारा मंडी में लगाए गए कांटों पर सर्वेयर पहुंचे, जहां दो ट्रॉली चना की खरीदकर उसे चालू बता दिया।

समर्थन मूल्य पर चना और सरसों की खरीदी 10 अप्रैल से शुरू करानी थी। इसमें एलएसएस श्योपुर, जलालपुरा और कराहल को श्योपुर मंडी में खरीदी करनी थी। इसी तरह बड़ौदा मंडी में बड़ौदा और पांडोल व विजयपुर मंडी में विजयपुर सोसायटी को चना और सरसों खरीदना था। लेकिन यह खरीदी 16 अप्रैल तक शुरू नहीं हो सकी। नतीजा किसानों को अपनी फसलें मंडी में आखातीज व कर्ज देने के फेर में सस्ते दामों पर बेचनी पड़ गई। सोमवार की दोपहर एक बजे के बाद श्योपुर के खरीद केन्द्रों पर सर्वेयर पहुंचे। जहां विभाग ने सोमवार को खरीदी दिखाने के लिए दो ट्रॉली माल खरीद लिया। लेकिन इसमें भी एक ट्रॉली में सर्वेयरों ने सैंपलिंग करने में आधा घंटा लगा दिया। जिससे किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में चना बेचने के लिए जिलेभर के 11 हजार 313 और सरसों बेचने के लिए 2694 किसानों ने पंजीयन कराए हैं। चना का समर्थन मूल्य 4400 और सरसों का समर्थन मूल्य 4000 रुपए तय किया गया है।

श्योपुर मंडी में एलएसएस के केंद्र पर खरीदी नहीं होने से बैठे किसान।

बड़ौदा और विजयपुर में भी नहीं हुई शुरू

श्योपुर मंडी के अलावा चना और सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी बड़ौदा और विजयपुर मंडी में भी की जानी थी, लेकिन यहां भी सोमवार को खरीदी शुरू नहीं की जा सकी। डीएमओ मार्कफेड का कहना है कि, बड़ौदा केन्द्र पर तुलाई में समस्या आ गई है, इसलिए वहां खरीदी शुरू नहीं सकी। हालांकि इस परेशानी को देर शाम तक दूर नहीं किया जा सका। इससे बड़ौदा मंडी में फसल बेचने आए किसानों को परेशानी उठानी पड़ी और घंटों भीषण गर्मी में खड़ा होने के साथ-साथ ही बिना फसल बेचे ही वापस लौटना पड़ा।

किसान सम्मेलन में बांटे 23.84 करोड़ रुपए

प्रदेश सरकार ने पिछले साल समर्थन मूल्य पर गेहूं और धान बेचने वाले किसानों को 200 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस बांटा था। जिसमें गेहूं के 9 हजार 852 किसानों को 23 करोड़ 84 लाख और धान के किसानों को 23 हजार 600 रुपए की राशि बांटी। किसान सम्मेलन में नवीन ऊर्जा मंत्री नारायण कुशवाह ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को किसानों के बीच में रखा। साथ ही प्रदेश सरकार को अब तक सबसे ज्यादा गेहूं खरीदी पर बोनस देने वाली सरकार बताया। उन्होंने कहा कि, किसानों के लिए सरकार ने चना और सरसों की खरीदी भी शुरू की है। जिसमें किसानों को अच्छे दाम तो दिए ही जा रहे है, साथ ही किसानों को 100 रुपए का बोनस दे रहे है। कार्यक्रम से पहले मंत्री श्री कुशवाह ने सर्किट हाऊस पर लोगों की समस्याएं सुनी और उक्त समस्याओं को लेकर संबंधित अफसरों को निर्देश दिए कि तत्काल उन पर कार्रवाई करें। कार्यक्रम के दौरान सीएम का लाइव भाषण चलाया गया। साथ ही मौके पर 35 किसानों को गेहूं व धान के बोनस के चेक मंत्री श्री कुशवाह ने प्रदान किए।

आज सर्वेयर पहुंच गए हैं


दोपहर तक खरीदी शुरू नहीं हुई


मंडी में मजबूरी में बेचनी पड़ी फसल


X
6 दिन बाद मिला मैसेज, सर्वेयर नहीं आए इसलिए चना-सरसों की खरीदी में हुई देरी
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..