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7 से 15 साल पहले मर चुके लोगों के खाते में भेजी सूखा राहत, जिंदा किसान भटक रहे

जिले में सूखा राहत बांटने के मामले में पटवारियाें की मनमानी कम नहीं हो रही है। पहले किसानों के खातों में सूखा राहत...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 06:30 AM IST

7 से 15 साल पहले मर चुके लोगों के खाते में भेजी सूखा राहत, जिंदा किसान भटक रहे
जिले में सूखा राहत बांटने के मामले में पटवारियाें की मनमानी कम नहीं हो रही है। पहले किसानों के खातों में सूखा राहत की राशि भेजने के लिए पैसे मांगने की शिकायत आई, अब मृत किसानों के खाते में यह राशि भेजने का मामला सामने आया है। स्थिति ये है कि जो सूखा राहत का पैसा जिंदा किसानों के खाते में जाना था, उसे ऐसे किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया है, जो अब इस दुनिया में ही नहीं हैं। ऐसे में जिन किसानों का हकीकत में नुकसान हुआ, वे कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

इस मामले को लेकर प्रेमसर के किसानों ने गुरुवार को कलेक्टर को एक आवेदन देकर अवगत करवाया। इस पर कलेक्टर ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। लेकिन किसानों का कहना है कि इस मामले में कलेक्टर को दो बार पहले भी अवगत करवाया गया है, लेकिन कलेक्टर हर बार-बार जांच का आश्वासन देकर टाल रहे हैं। मामले को बढ़ता देख अब भाजपा के नेता इस लड़ाई में कूद गए हैं। उनका भी आरोप है कि इस मामले से वे भी कलेक्टर को कार्रवाई के लिए कह चुके हैं लेकिन कलेक्टर ने अब तक इस पर संज्ञान नहीं लिया है।

भाजपा के नेता ही प्रशासन पर लगा रहे आरोप, बोले- कलेक्टर हमारी ही नहीं सुनते, हमने भी कई बार इस मामले को देखने को कहा

15 मई को जनसुनवाई में कलेक्टर से सूखा राहत न मिलने की शिकायत करते लोग।

कलेक्टर को अवगत कराया

हाल ही में कलेक्टर प्रेमसर गए थे। वहां कई किसानों ने एक स्वर में पटवारी की शिकायत थी। उसके बाद भी कलेक्टर ने उनकी नहीं सुनी। अब इस पटवारी की इतनी हिम्मत बढ़ गई है कि उसने सूखा राहत की गलत सूची जारी कर दी। इस सूची में मरे हुए लोगों के नाम चढ़ा दिए। उन्हें अब मुआवजा दिया जा रहा है। हमने भी मामले से कलेक्टर को अवगत करवाया था, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। रामलखन नपाखेड़ली, जिला महामंत्री भाजपा

मरे हुए लोगों के नाम सूची में जोड़े

जो किसान 10 से 15 साल पहले मर गए। उनके नाम इस सूची में जोड़ दिए गए हैं। ऐसे में हम लोग जो सूखा राहत के मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। हमने आज कलेक्टर को इस मामले की शिकायत भी की है। कल्याण चंद्र मीणा, निवासी प्रेमसर, किसान

इन मृतकों के नाम पर जारी हुई राशि

1- हजारी पुत्र रामनाथ मीणा- तीन साल पहले मौत

मुआवजा : 34000 रुपए

2-पाना प|ी सोनेराम- 11 साल पहले मौत

मुआवजा : 6776 रुपए

3-मांगीलाल पुत्र बंशीलाल मीणा- 7 साल पहले मौत

मुआवजा: 23378 रुपए

4-नेनगा पुत्र पन्ना धोबी- 15 साल पहले मौत

मुआवजा : 13200 रुपए

शिकायत मिली है, इस मामले में जांच करवा देंगेे

हम इस मामले में जांच करवा देंगे। हमें अलग से किसानों से कोई आवदेन नहीं मिला। लेकिन यदि उन्होंने यदि जनसुनवाई और अन्य तरीकों से हमें कोई आवेदन दिया है तो इसकी हम तस्दीक करवा लेते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जनसुनवाई में कई आवेदन आते हैं। यह हमें ध्यान नहीं है कि कब कौन सा आवेदन कौन दे गया। सौरभ कुमार सुमन, कलेक्टर श्योपुर

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