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कुपोषित बच्चों को चार दिन से नहीं मिली एंबुलेंस, नैरोगेज से अस्पताल लाईं महिलाएं

ढोढर क्षेत्र के टर्राकलां गांव में मिले 9 कुपोषित बच्चे भास्कर संवाददाता | श्योपुर जिले के ढोढर क्षेत्र के...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:25 AM IST
ढोढर क्षेत्र के टर्राकलां गांव में मिले 9 कुपोषित बच्चे

भास्कर संवाददाता | श्योपुर

जिले के ढोढर क्षेत्र के टर्राकलां गांव के 9 कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में पहुंचाने के लिए चार दिन तक एंबुलेंस नसीब नहीं हो सकी। जिस कारण मंगलवार को महिलाएं बच्चों को ट्रेन से लेकर जिला अस्पताल पहुंची जहां सभी बच्चों को एनआरसी में दाखिल कराया गया है।

जानकारी अनुसार पांच दिन पहले महिला एवं बाल विकास विभाग के ग्रॉथ मॉनीटर विक्रम परिहार व मिजान खान टर्राकलां सेक्टर में कुपोषित बच्चों का सर्वे करने पहुंचे थे। जहां ग्रॉथ मॉनीटरों को 9 बच्चे काफी कमजोर हालत में मिले। परीक्षण करने पर इन्हें कुपोषित पाया गया। चूंकि बच्चों को समुचित देखभाल के लिए श्योपुर जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराना जरूरी हो गया। इसलिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने ढोढर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस के लिए सूचना पहुंचाई। चार दिन तक ग्रॉथ मॉनीटर इन बच्चों को एनआरसी में दाखिल कराने के लिए एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। मंगलवार सुबह तक जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो ग्रॉथ मॉनीटर बच्चों को उनकी माताओं के साथ नैरोगेज ट्रेन से श्योपुर जिला अस्पताल लेकर आए। बाद में इन्हें एनआरसी में भर्ती कराया गया।

बच्चों की सेहत में नहीं हो सका सुधार

एनआरसी में दाखिल कराए गए कुपोषित बच्चों में धरमा पुत्र राजा आदिवासी(डेढ़ माह), जितेंद्र पुत्र रामू आदिवासी (डेढ़ माह), कविता पुत्री गिर्राज आदिवासी (डेढ़ माह), अमिता पुत्री कश्मीर आदिवासी (17 माह), कुजावती पुत्री पप्पू आदिवासी (04 वर्ष) शामिल हैं। इन कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने के लिए पहले तो महिला एवं बाल विकास विभाग के अमले ने टर्राकलां के आंगनबाड़ी केंद्र पर ही प्रयास किए, लेकिन जब इनकी सेहत में सुधार नहीं हो पाया तो इन्हें एनआरसी में दाखिल कराने का निर्णय लिया गया।

टर्राकलां में 9 बच्चे मिले