दिसंबर में खत्म होगा परिषद का कार्यकाल, 4 साल 8 माह में 5 प्रोजेक्ट शुरू किए, पूरा एक भी नहीं हुआ

Sheopur News - नगर पालिका परिषद का कार्यकाल दिसंबर में पूरा हो जाएगा। चार साल आठ महीने में परिषद ने शहर विकास के लिए 5 बड़े काम...

Bhaskar News Network

Aug 23, 2019, 09:50 AM IST
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नगर पालिका परिषद का कार्यकाल दिसंबर में पूरा हो जाएगा। चार साल आठ महीने में परिषद ने शहर विकास के लिए 5 बड़े काम स्वीकृत किए, लेकिन इनमें से एक भी पूरा नहीं हो सका। इसके पीछे एक बड़ा कारण नपा अध्यक्ष और सीएमओ के बीच विवाद भी है। अंदरूनी तौर पर दोनों एक-दूसरे के बताए गए कामों को रोकने में लगे हुए हैं। इस संबंध में नपा अध्यक्ष दौलतराम गुप्ता का कहना है कि सीएमओ काम ही नहीं करना चाहिए। उनकी वजह से ही काम लेट हो रहे हैं। वहीं ताराचंद धूलिया इस संबंध में बात ही नहीं करना चाहते।

जनवरी 2015 से अब तक नगर पालिका परिषद ने शहर विकास के 5 बड़े काम स्वीकृत किए। इनमें चंबल जलावर्धन परियोजना, बायपास रोड, पार्क, मैरिज गार्डन और शॉपिंग कॉम्पलेक्स शामिल हैं। निर्माण कार्यों के लिए नगर पालिका ने टेंडर कर काम भी शुरू कराए, लेकिन 4 दिसंबर 2018 की देर शाम सीएमओ ने बीच-बाजार अन्य लोगों के साथ मिलकर यह कहते हुए नपा अध्यक्ष की मारपीट कर दी कि उन्होंने नपा के इंजीनियर व सहायक लेखाधिकारी से मारपीट की है और उन्हें शहर से भगा दिया है। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस ने कायमी भी की। इस घटना के बाद से नपा के कामकाज लगातार बिगड़ते चले गए। सीएमओ ताराचंद धूलिया ने नपा अध्यक्ष दौलतराम गुप्ता द्वारा भुगतान पत्रकों पर हस्ताक्षर करने के बाद भी बायपास सहित अन्य निर्माण का भुगतान जारी नहीं किया।

पांच प्रोजेक्ट... चंबल परियोजना, बायपास, मैरिज गार्डन, पार्क और शॉपिंग कॉम्पलेक्स सभी अधूरे

यह हैं शहर विकास के पांच बड़े प्रोजेक्ट

1. 2.70 करोड़ रुपए का बायपास 2 साल में भी नहीं बना सकी नपा: शहर के बायपास बनाने के लिए फरवरी 2018 में टेंडर कर ठेका दिया गया। यह बायपास 2.70 करोड़ से बनाया जा रहा है, लेकिन इसका निर्माण नपा अध्यक्ष व सीएमओ के विवाद के कारण बीच में ही अटक गया। बाद में आचार संहिता, फिर भुगतान न होने के चलते काम अटका रहा। अब भी यह निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। ठेकेदार जेपी गुप्ता का कहना है कि वे इसे चालू करेंगे, पर पहले रुका हुआ 25 फीसदी भुगतान हो जाए।

3. 50 लाख के शॉपिंग कॉम्पलेक्स का एक साल से चल रहा काम: शहर में पुल दरवाजा पर बीते एक साल से शॉपिंग काम्पलेक्स का काम चल रहा है, लेकिन यह निर्माण पूरा होने का काम नहीं ले रहा है। नपा प्रशासन इतना ढीला है कि ठेकेदार से तेजी से निर्माण नहीं करा पा रहा है और न ही इस पर ठेकेदार से कोई चर्चा की है। बताया गया कि इसमें भी भुगतान अड़ंगा बना हुआ है। कई बार इसका काम भुगतान व रेत न होने के फेर में बंद हो गया है।

4. 1 करोड़ रुपए के पार्क का निर्माण 6 साल बाद भी अधूरा: शहर के बायपास रोड पर नगर पालिका ने साल 2012 में 1 करोड़ रुपए की लागत से पार्क का प्लान तैयार किया। इसकी बाउंड्रीवाल भी करा दी लेकिन अब तक यह पार्क विकसित नहीं हो सका। ऐसे में 6 साल बाद भी शहर की जनता के लिए यह पार्क नहीं खुल सका है। इस पर सीएमओ और अध्यक्ष अब भी एक ही बात कह रहे हैं कि इसे जल्द पूरा कराएंगे, जबकि उनका कार्यकाल लगभग समाप्त होने जा रहा है।

2. 125 करोड़ रुपए की चंबल जलावर्धन योजना में नहीं ला पाए एनओसी: शहर में चंबल नदी से पानी के लिए नगर पालिका ने 2016 में 125 करोड़ रुपए की चंबल जलावर्धन योजना तैयार की। दो बार डीपीआर को मंजूरी के लिए वन विभाग को भेजा गया। यह डीपीआर पूर्व में स्वीकृत भी हो गई, लेकिन बाद में वन विभाग ने जनवरी-2019 में दो बार ऑनलाइन आवेदन मांगा, जिस पर से अब तक एनओसी जारी नहीं हुई। इसके लिए सीएमओ और नपा अध्यक्ष दोनों ही वन विभाग या मंत्रालय तक संपर्क ही नहीं कर पाए।

5. 50 लाख का मैरिज गार्डन, दो साल पहले स्वीकृत अब तक सिर्फ पिलर बने: नगर पालिका ने दो साल पहले 2017 में मैरिज गार्डन का प्रस्ताव नपा की बैठक में स्वीकृत किया था। इसके टेंडर भी कर दिए। यह मैरिज गार्डन शहर के पुराने शिवपुरी बस स्टैंड पर बनाया जाना है लेकिन अब तक इस निर्माण में भी नपा सिर्फ पिलर ही खड़े कर पाई है। इसके काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि यह काम एक साल में भी पूरा नहीं हो सकेगा।

फिल्टर प्लांट पर नपा अफसर गए ही नहीं भोपाल

सीप नदी में मिलने वाले नालों को एकजाई कर उसका पानी फिल्टर कर नदी में छोड़ने की योजना बनाई गई थी ताकि शहर की सीप नदी को स्वच्छ बनाया जा सके। इसके लिए तीन साल पहले नपा ने 1 करोड़ रुपए की वाटर फिल्टर प्लांट की डीपीआर बनाकर भोपाल भेजी लेकिन सीएमओ व इंजीनियर इस डीपीआर को अब तक भोपाल जाकर मंजूर कराकर नहीं ला सके। वे इस संबंध में दोबारा नगरीय निकाय विभाग भोपाल गए ही नहीं और न वरिष्ठ अफसरों से इसे मंजूरी देने को लेकर चर्चा की।

काम हो नहीं रहे, सीएमओ पर विजयपुर व डूडा का भी प्रभार

नगर पालिका में काम-काज पूरे हो नहीं पा रहे हैं, इसके इतर प्रशासन ने सीएमओ ताराचंद धूलिया को डूडा के साथ-साथ अब विजयपुर नगर परिषद का भी प्रभार भी सौंप दिया जिससे तीनों ही जगह काम-काज पर बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में जब सीएमओ ताराचंद धूलिया से मोबाइल नंबर 97550-57261 पर संपर्क किया गया तो उन्होंने सवाल सुनने के बाद ही फोन कट कर दिया।

अध्यक्ष-सीएमओ के विवाद में शहर में विकास कार्य ठप


सीएमओ खुद ही काम करना नहीं चाहते


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