इमरजेंसी में महिला हेल्पलाइन या पुलिस का 100 नंबर डायल करें

Sheopur News - बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय में संगोष्ठी हुई। जिसमें बड़ी...

Oct 12, 2019, 09:16 AM IST
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय में संगोष्ठी हुई। जिसमें बड़ी संख्या में बालिकाएं तथा श्योपुर शहर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया।

महिला एवं बाल विकास विभाग की सेक्टर सुपरवाइजर ममता व्यास ने कहा कि इमर्जेंसी हो तो घबराएं नहीं, तत्काल 100 नंबर लगाकर पुलिस को बुलाएं। इसी तरह मेडिकल इमर्जेंसी में 108 पर कॉल लगाए। महिलाओं की हेल्प के लिए 1090 पर कॉल कंरे। यह जरूरी नंबर है जो सभी बालिकाओं को याद रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि बाल मजदूरी और बाल विवाह कानूनी अपराध है। इसीलिए कोई बाल मजदूरी कराए तथा 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह हो तो पुलिस व प्रशासन को सूचना दें। कार्यक्रम के दौरान नंदिनी मीणा ने स्वच्छता की आदत अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खुले में शौच नहीं जाए तथा साफ सफाई के साथ स्कूल जाएं।

अभियान में अायाेजित संगाेष्ठी में उपस्थित कार्यकर्ता।

आयरन की जरूरत पूरी नहीं होती तो बालिकाएं होती हैंै एनीमिया की शिकार

संगोष्ठी के दौरान ईसीसीई की जिला कार्डिनेटर डॉ. लीला मित्तल ने बताया कि 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों के मामलों में एनीमिया का प्रतिशत इसलिए बढ़ता है क्योंकि उनकी आयरन की जरूरत पूरी नहीं होती है। किशोर अवस्था में लड़कियों में माहवारी के कारण आयरन की कमी होती है। शरीर में आयरन एब्जार्व नहीं होता है। तीन से नौ साल तक के बच्चों में निश्चित रूप से पोषक तत्वों की कमी होती है। उनके खाने में सब्जियों की मात्रा कम होती है। यदि बच्चे में ग्रोथ नहीं हो रही हो तो खाने में घी या तेल का उपयोग करना चाहिए। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भोजन में वसा जरूरी होता है।

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