स्टाफ की कमी, तीन साल बाद भी शुरू नहीं हो सके दो मृदा परीक्षण केंद्र, किसानों को बोवनी के वक्त नहीं मिलती सलाह

Sheopur News - भास्कर संवाददाता|कराहल/विजयपुर जिले के दो बड़े विकासखंड मुख्यालयों पर बनी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला की...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 09:15 AM IST
Sheour News - mp news due to shortage of staff can not start even after three years two soil testing centers farmers do not get advice at bovina
भास्कर संवाददाता|कराहल/विजयपुर

जिले के दो बड़े विकासखंड मुख्यालयों पर बनी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला की बिल्डिंग स्टाफ नहीं होने के चलते तीन साल से चालू होने इंतजार में है। केंद्र चालू नहीं होने की वजह से करीब 162 गावं के हजारों किसानों को न तो खेती बाड़ी के लिए सलाह मिल पा रही है और न ही मिट्टी परीक्षण केंद्र शुरू हो पा रहा है। रबी का सीजन खत्म होने के बाद अब खरीफ के सीजन में भी किसानों को मिट्टी परीक्षण का लाभ न तो लाभ मिल पा रहा है और न ही कोई उचित सलाह किसानों को मिल पा रही है। ऐसे में ज्यादातर किसानों को सलाह लेने के लिए श्योपुर तक आना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि खेती को मुनाफे का धंधा बनाने के लिए सरकार ने योजनाएं तो बनाई हैं, लेकिन धरातल पर इनका अमल होते दिखाई नहीं दे रहा है। इससे किसानों के लिए खेती घाटे का सौदा बनकर रह गई है। उधर कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों लैब पर जरूरी अमला नहीं होने की वजह से मिट्टी परीक्षण केंद्र को शुरू नहीं कर पा रहे हैं। विजयपुर और कराहल क्षेत्र में 35-35 लाख रुपए की लागत से मिट्टी परीक्षण केंद्र खोलने के लिए साल 2016 मे काम शुरू किया गया था।

इसके बाद मिट्टी परीक्षण केंद्र बनाने का काम तो विभाग द्वारा 6 महीने में ही पूरा करा लिया गया। लेकिन विभाग द्वारा यहां न तो जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए है और न ही अमले की व्यवस्था हो सकी है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी स्कीम के तहत कृषि विभाग ने श्योपुर, विजयपुर अाैर कराहल ब्लॉक मुख्यालय पर किसान ज्ञान केंद्र स्वीकृत किए हैं। किसानों को खेती की उन्नत तकनीक के बारे में ऑनलाइन जानकारी मुहैया कराने के उद्देश्य से इन केंद्र पर दो कंप्यूटर रखकर इंटरनेट से जोड़ा गया। लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर और कृषि वैज्ञानिकों के पद नहीं भरने की वजह से तीनों केन्द्र बंद पड़े हैं। कंप्यूटर स्टोर रूम में धूल खा रहे हैं। खेती संबंधी जानकारी किसानों को नहीं मिल रही है।

कराहल में शुरू नहीं हुआ मिट्‌टी परीक्षण केंद्र।

विजयपुर में भवन बने दो साल बीच चुके लेकिन अब भी ट्यूबवेल खनन व बाउंड्रीवाल का काम बाकी

विजयपुर में कृषि प्रयोगशाला के लिए भवन बने दो साल बीत चुके है। लेकिन पानी का इंतजाम नहीं होने से किसानों को मिट्टी परीक्षण की सुविधा खरीफ के बाद रबी सीजन में भी नहीं मिल सकी है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यहां पानी के लिए ट्यूबवेल खनन एवं बाउंड्रीवाल का काम अभी बाकी है। केंद्र के लिए अन्य जरूरी उपकरण और प्रशिक्षित अमला भी नहीं मिला है। क्षेत्र की 85 ग्राम पंचायतों के लगभग 24 हजार किसान वर्तमान में ऐसे हैं जिन्होंने खेत की मिट्टी की जांच नहीं कराई हैं और खरीफ के बाद रबी सीजन में भी अनुमान से रासायनिक खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं।

70 लाख की बिल्डिंग पर 21 महीने से जड़ा है ताला

किसानों को खेती संबंधी आधुनिक तकनीक और मिट्टी की जांच कराने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़े, इस मंशा से राज्य सरकार ने विकास खंड मुख्यालय किसान ज्ञान केंद्र एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला खोली है। लघु उद्योग निगम द्वारा जनवरी-फरवरी 2017 में कराहल एवं विजयपुर में भवन का काम कंपलीट कराकर विभाग को हैंडओवर कर दिया था इसके बाद कृषि विभाग ने 35-35 लाख रुपए की लागत से बने भवन पर ताला लगा दिया है। आसपास के लोगों ने बताया कि पिछले 21 महीने से भवनों का एक बार भी ताला तक नहीं खुला है।

हमारे पास स्टाफ की कमी है


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