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हाईवे पर गड्ढे भरने खोदी नाली, फिर मिट्टी डालकर बंद किया काम, फिसल रहे वाहन

एक वर्ष पहले
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दांतरदा कस्बे में 552 मीटर लंबी सड़क होगी ऊंची, जल निकास के लिए बनेगा भूमिगत नाला

जिले को राजस्थान के सवाई माधोपुर से जोड़ने वाले श्योपुर-पाली इंटर स्टेट हाईवे पर दांतरदा कस्बे में आठ दिनों से कीचड़ व फिसलन की समस्या से रोजाना सैकड़ों वाहन चालक जूझ रहे हैं। सड़क की साइड खोदने और गड्ढोंभरी सड़क पर मिट्टी डालने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। पीडब्ल्यूडी की एनएच डिवीजन ने हाईवे निर्माण के दौरान हुई तकनीकी खामी के कारण सड़क के कटाव नाला निर्माण एवं सड़क की ऊंचाई बढ़ाने के लिए दिया 15 लाख रुपए में ठेका दिया है। लेकिन ठेकेदार ने नाले की खुदाई और मिट्टी डालकर काम बंद रखा है। योजना के मुताबिक दांतरदा कस्बे में 552 मीटर लंबी सड़क की ऊंचाई बढ़ेगी तथा हाईवे क्रॉस करता भूमिगत नाला बनाया जाएगा। यहां चार साल से कस्बे का गंदा पानी बहने के कारण सड़क का कटाव और गड्ढों की समस्या का मामला दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने के बाद अफसरों ने सुध ली है। लेकिन ठेकेदार की मनमानी के चलते शुरूआत में काम में ढिलाई को लेकर लोगों में रोष पनप रहा है। वहीं इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर ने शनिवार को बताया कि अगले एक दो दिन में मौके पर काम आगे बढ़ाकर वाहन चालकों को जल्द परेशानी से निजात दिलाई जाएगी।

दो राज्यों को जोड़ने वाले इस 145 किमी लंबे हाईवे की सबसे बदतर हालत गोरस से पाली तक है। यहां महज 57 किमी फासले में छोटे बड़े 60 से अधिक गड्ढे हैं। विभागीय अधिकारियों ने बारिश में बिगड़े हाईवे की मरम्मत का काम सितंबर में करवाने की बात कही थी, लेकिन छह महीने बीतने के बावजूद गड्ढोंभरी सड़क पर लोग वाहन में हिचकौले खाते हुए सफर कर रहे हैं। पीडब्ल्यूडी की एनएच डिवीजन ने लोगों की मांग पर 15 लाख रुपए में ठेका दिया है। इसमें सड़क की ऊंचाई बढ़ाने के साथ ही नाला बनाया जाएगा।

इसके लिए ठेकेदार ने पिछले दिनों लेबर लगाकर पहले सड़क की साइड खुदवाई। नाले का काम शुरू कराने के बजाय गड्ढों को भरने के लिए 552 मीटर लंबी सड़क पर मिट्टी डाली गई है। मिट्टी डालने के बाद पिछले आठ दिनों से काम पूरी तरह बंद है, जिससे सड़क पर डाली गई मिट्टी कई जगह कीचड़ में तब्दील हो गई है तो कहीं चलते वाहनों के साथ धूल उड़ रही है। सड़क पर कीचड़ व फिसलन होने से चार पाहिया, दो पहिया वाहन चालक सहित लोडिंग व बस चालक परेशान होने के साथ छोटे वाहन चालक को प्रतिदिन इन गड्ढों में गिरकर चोटिल होना पड़ रहा है। साथ ही इन गड्ढों से कई बड़े हादसे हो चुके हैं। इसकी शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया है।

ठेकेदार ने 8 दिन से बंद किया काम

हाईवे पर सीप नदी पुल भी खस्ताहाल

श्योपुर-पाली हाईवे पर ग्राम सोईंकलां में सीप नदी पुल पर गड्ढों की भरमार है। इतने गड्ढे हैं कि वाहन को रेंग-रेंगकर निकलना पड़ता है। गड्ढों के कारण पुल पर आए दिन हादसे होते हैं। हादसों में एक बुजुर्ग महिला सहित लोगों को जान तक गंवानी पड़ी है। इसके बाद भी एमपीआरडीसी या ब्रिज निगम के अफसरों ने खस्ताहाल पुल पर सड़क पर गड्ढे भरवाने की दिशा में आवश्यक पहल नहीं की है। मौजूदा स्थिति यह है कि करीब 200 मीटर लंबे पुल पर 2 मीटर का हिस्सा भी ऐसा नहीं है जिसमें गड्ढे न हों।

हाईवे पर इन स्थानों पर ज्यादा हुए गड्ढे

145 किलोमीटर लंबे हाईवे पर शिवपुरी से कराहल तथा गोरस से पाली तक 400 से ज्यादा गड्ढे हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर पूरी सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे प्रतिदिन निकलने वाले सैकड़ों वाहन चालक सहित स्कूली बस चालक को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।

श्याेपुर-पाली हाईवे पर दांतरदा कस्बे में गड्‌ढे भरने और सड़क की ऊंचाई बढ़ाने के लिए मिट्‌टी डालने के बाद ठेकेदार ने अधूरा छोड़ा काम, इस कारण फिसलन की समस्या बढ़ी। जिम्मेदार फिर भी मौन बने बैठे हैं।

हाईवे की दुर्दशा को लेकर 1 मार्च को दैनिक भास्कर में प्रकाशित हुई खबर

श्योपुर-पाली स्टेट हाईवे के मेंटेनेंस में लापरवाही तथा दांतरदा कस्बे में सड़क निर्माण के दौरान बरती गई तकनीकी खामी के चलते गहरे गड्ढे होने का मुद्दा दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से उठाया है। इसी माह 3 मार्च को दो राज्यों को जोड़ने वाले हाईवे पर सितंबर में भरने थे 57 किमी में 60 गड्‌ढे, छह माह में एक भी नहीं भरा..शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद एनआरएचएम की पीडब्ल्यूडी शाखा ने 4 चार साल पुरानी गड्ढों की समस्या की सुध ली है। यहां नाला निर्माण तथा सड़क की ऊंचाई बढ़ाने का काम शुरू कराते हुए हाईवे किनारे नाले की खुदाई कराई गई तथा इसके बाद गड्ढे भरने के लिए मिट्टी डाली गई।

समस्या को जल्द दूर किया जाएगा


विजय अवस्थी, सब इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी, ग्वालियर
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