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नागदा में एक हजार साल से दो शिवलिंग का अभिषेक कर रही है धरती से फूटी अविरल धारा

Sheopur News - नागदा में सीप नदी किनारे स्थापित नागेश्वर महादेव और सिद्धेश्वर महादेव पर गिरती पवित्र धारा आगे झरना बनकर तीन...

Feb 21, 2020, 09:10 AM IST
Sheour News - mp news in nagda for one thousand years two shivalingas are anointed the continuous stream bursting from the earth

नागदा में सीप नदी किनारे स्थापित नागेश्वर महादेव और सिद्धेश्वर महादेव पर गिरती पवित्र धारा आगे झरना बनकर तीन गांव के लिए बनी वरदान

जिला मुख्यालय से 6 किमी दूर ग्राम नागदा में सीप नदी किनारे तीन प्राचीन शिवालयों की शृंखला सदियों से धर्म और आस्था का पुंज रही है। इनमें दो शिवलिंग का खुद प्रकृति अविरल जलाभिषेक करती है। एक हजार साल से नागेश्वर महादेव और सिद्धेश्वर महादेव पर धरती से स्वत: फूट रही पवित्र जलधारा गिरती है। दर्शन व आचमन के लिए बारह महीने श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचते हैं। वहीं भूतेश्वर महादेव मंदिर के पास सीप नदी ऊं की आकृति बनाते हुए आगे बहती है। शिवालयों की यह खूबियां तो जिलेवासी जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को मालुम होगा कि पुरातनकाल में ग्राम नागदा नागवंश की कन्या सुलोचना की नगरी थी। नागकन्या सुलोचना परम शिवभक्त थी। धर्मशास्त्रों में भी इन शिवालयों की महिमा का बखान किया गया है। श्रीमद् भागवत पुराण में महाभारत काल में इन मंदिर के अस्तित्व का उल्लेख मिलता है। शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर्व पर नागदा में दो दिवसीय धार्मिक मेला लगेगा।

जिले में सबसे प्राचीन नागेश्वर महादेव और सिद्धेश्वर महादेव एक दूसरे से 250 मीटर की दूरी पर स्थापित हैं। दोनों शिवलिंग पर अलग-अलग जलधारा गिरती है। गोमुख से निकली जलधारा महादेव का अभिषेक करते हुए मंदिर के पास एक झरने में तब्दील हो जाती है। नागेश्वर मंदिर से बहता झरना करीब एक किमी लंबाई में बहते हुए सीप नदी में मिलता है। शिवलिंग पर गिर रही पानी की धारा कहां से फूट रही है, इसके उद््गम स्रोत के बारे में आज तक किसी को पता नहीं हैं।

श्रीमद् भागवत पुराण में भी मिलता है नागकन्या सुलोचना की नगरी (नागदा ) के शिव का वर्णन

भक्त करते हैं आचमन, नहाने से मिट जाते हैं चर्मरोग

नागदा में महाशिवरात्रि पर दो दिवसीय धार्मिक मेले की परंपरा बरसों से निर्बाध जारी है। सावन में शिवभक्तों की विशेष चहलपहल रहती है। दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु गोमुख से निकल रहे पवित्र जल का आचमन करके खुद को धन्य मानते हैं। शिवलिंग का अभिषेक करते हुए बहते झरने में लोग स्नान भी करते हैं। लोक मान्यता के अनुसार नागेश्वर के झरने में नहाने से लोगों के विभिन्न प्रकार के चर्मरोग मिट जाते हैं।

भीषण अकाल में भी नहीं टूटी थी पवित्र धारा


एक हजार साल पुराना है शिव मंदिर


ग्राम नागदा स्थित नागेश्वर महादेव की पूजा अर्चना करते श्रद्धालु।

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