• Hindi News
  • Mp
  • Sheopur
  • Sheour News mp news khatara buses are on the road even after the accidents the passengers push first to start the bus

हादसों के बाद भी खटारा बसें सड़क पर, बस स्टार्ट करने के लिए पहले धक्का लगाते हैं यात्री

Sheopur News - जिले में आए दिन यात्री बस हादसा होने के बाद भी परिवहन विभाग गंभीर नहीं है। स्थिति यह है कि यात्रियों को सफर शुरू...

Dec 10, 2019, 10:17 AM IST
Sheour News - mp news khatara buses are on the road even after the accidents the passengers push first to start the bus
जिले में आए दिन यात्री बस हादसा होने के बाद भी परिवहन विभाग गंभीर नहीं है। स्थिति यह है कि यात्रियों को सफर शुरू करने से पहले खुद धक्के लगाकर बस स्टार्ट करते हैं। कई बार खटारा बस मंजिल पर पहुंचने से पहले रास्ते में खराब हो जाती है। जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। बसों में यात्रियों की सुरक्षा अनफिट बसों के कारण आए दिन हादसा होने के बावजूद भी बस ऑपरेटरों पर मेहरबान जिम्मेदार अधिकारियों को खटारा बसें नजर नहीं आती है। शहर के बस स्टैंड से रोजाना 210 बसें विभिन्न रूटों पर चलाई जा रही है। इनमें 50 से अधिक बसें अनफिट हंै तो कई यात्री बस बिना परमिट दौड़ रही है। न तो ट्रैफिक पुलिस और न ही परिवहन विभाग द्वारा अनफिट बसों पर कार्रवाई की जाती है।

श्योपुर बस स्टैंड से जयपुर, कोटा, बांरा, इटावा, खातौली, इंदौर, दिल्ली और भोपाल के लिए चलने वाली बसों को छोड़कर जिले के ग्रामीण रूट पर ज्यादातर बसें पुरानी और कंडम हो चुकी है, लेकिन इन बसों के फिटनेस की जांच नहीं की जाती है। बसों में यात्रियों को असुरक्षित तरीके से सफर के लिए मजबूर किया जा रहा है। ऐसा भी नहीं कि यह सब पुलिस व परिवहन विभाग के जिम्मेदार अफसर स्थिति से अनजान हो, लेकिन कोई भी कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। अफसरों की अनदेखी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है।

शहर के बस स्टैंड पर एक निजी यात्री बस को स्टार्ट करने के लिए धक्का लगाते यात्री।

बसों में उपलब्ध नहीं होता फर्स्ट-एड बॉक्स, हादसा होने पर मौके पर नहीं मिलता घायलों को इलाज

बसों में फर्स्ट-एड बॉक्स व आगजनी से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्र होना अनिवार्य है, लेकिन ज्यादातर बसों में सुरक्षा के जरूरी प्रबंध नहीं है। हादसा होने की दशा में मौके पर घायलों को प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाता है। घटनास्थल से अस्पताल पहुंचने पर ही इलाज संभव होता है। रविवार को श्योपुर से बड़ौदा जा रही सिद्धेश्वर कंपनी की बस पलटने से 20 यात्री घायल हो गए।इस बस में प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं थी।

टूटी खिड़की और फटी सीटों पर चुभती है कील

शहर के एकीकृत बस स्टैंड से आवदा, मानपुर, सूंसवाड़ा, बड़ौदा एवं खातौली के लिए चलने वाली बसों कंडीशन खराब है । यात्रियों ने बताया कि बस की सीटें टूटी हुई है। खिड़कियां टूटने से सर्द हवा बस में प्रवेश करती है। कई जगह सीटों पर कीलें निकल रही हंै। जिससे सीट पर बैठे यात्री कई बार जख्मी हो जाते है। घिसे पिटे टायर पंचर होने और ब्रेक फेल होने की वजह से बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना कई बार हो चुकी हैं। यात्रियों को यह भी शिकायत है कि बस ऑपरेटर किराया तो पूरा वसूलते हैं, लेकिन टिकट नहीं दिए जाते हैं।

बसों में परमिट शर्तों के उल्लंघन पर करते हैं कार्रवाई


X
Sheour News - mp news khatara buses are on the road even after the accidents the passengers push first to start the bus

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना