शहरवासियों के लिए बने पार्कों में लटके ताले गेट पर कचरे का ढेर, लोग नहीं कर पा रहे सैर

Sheopur News - क्षेत्र को हराभरा बनाने के साथ साथ शहरवासियों को सुकून पहुंचाने के लिए नगरपालिका द्वारा शहर में जगह जगह तो बना दिए...

Bhaskar News Network

Oct 12, 2019, 09:16 AM IST
Sheour News - mp news locks of garbage at the locked gate hanging in the parks built for the residents people are unable to walk
क्षेत्र को हराभरा बनाने के साथ साथ शहरवासियों को सुकून पहुंचाने के लिए नगरपालिका द्वारा शहर में जगह जगह तो बना दिए गए, लेकिन इन पार्कों में घूमने के लिए जब लोग यहां पहुंचते हैं तो गेट पर ताला लटका मिलता है। नगरपालिका परिषद न तो पार्कों के विकास पर ध्यान दे रही है और न ही ढंग से रखरखाव किया जा रहा है। नतीजा कहीं पार्क अधूरे पड़े हैं तो कहीं अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। मॉर्निंग वॉक के लिए जाने वाले लोग अव्यवस्थाओं के लिए नपा प्रशासन को कोसते हैं। उधर मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने पार्कों की व्यवस्था सुधारने की बात कही है।

पार्कों में उगी बरसाती झाडि़यां, सफाई भी नहीं

शहर में नगरपालिका के अधीन 8 पार्कों के लिए रख- रखाव का काम है। लेकिन इन पार्कों को विकसित करने पर ध्यान नहीं है। पार्कों में हरियाली के लिए सुंदर पेड़ पौधों के बजाय इन दिनों बरसाती झांडियां एवं कांटेदार बबूल उग रही है। पार्कों की सफाई के इंतजाम नहीं है। ऐसे में लोगों का इन पार्कों में घुसना भी मुश्किल हो गया है। कई बार लोगों द्वारा इस संबंध में नगरपालिका के अधिकारियों को सूचित किया गया है, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं आया है। शहरवासियों को पार्कों में सुकून नहीं मिल पा रहा है।

सीएमअाे बंगले के पास बनाए गए सरदार गुलाबसिंह पार्क के गेट पर लगा ताला अाैर बाहर पड़ा कचरा।

चिल्ड्रन पार्क में 7 साल से नहीं लगाया गेट, रेलिंग भी टूटी

नगर पालिका द्वारा शहर के हजारेश्वर उद्यान में बच्चों के लिए अलग से चिल्ड्रन पार्क बनाए करीब 7 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक इस पार्क पर गेट ही नहीं बना है। दुर्गामाता मंदिर से सीएमओ बंगले तक पार्क की रेलिंग टूट गई हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले टूट फूट गए हैं। एक दशक से टॉय ट्रेन गोदाम में रखी -रखी कबाड़ की वस्तु बन चुकी है।

मॉर्निंग वॉक के लिए पार्कों की व्यवस्था में कर रहे सुधार


11 साल पुराना पार्क आधा समतल कराया, पौधारोपण नहीं किया

शहर के वार्ड 15 में मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से वर्ष 2008 में स्थापित पार्क सिर्फ नाम का है। नगरपालिका ने 32 लाख रुपए की लागत से बांउड्रीवाल बनाकर अपने हाल पर छोड़े इस पार्क की बदहाली को लेकर पार्षद रामा वैष्णव द्वारा परिषद के सामने जबर्दस्त विरोध जताने पर नपा ने गत जून माह में कुल 10 बीघा बीहड़ भूमि में से महज 5 बीघा मैदान समतल करवाया। साथ ही तार फेंसिंग कराकर इसमें 500 पौधे लगाने की योजना थी। लेकिन पूरा मानसून सीजन इंतजार में ही बीत गया और आज तक पार्क में एक भी पौधा नहीं लगाया गया है। पार्क में हरियाली की जगह बिलायती बबूल और कांटेदार झाड़ियों का जंगल उग रहा है।

महापुरुषों के नाम स्थापित पार्कों के सालभर में सिर्फ दो दिन खुलते हैं गेट

नगरपालिका पर शहर के 8 पार्को के रखरखाव का जिम्मा है। इनमें 5 पार्क महापुरुषों के नाम पर स्थापित किए गए हैं। गांधी पार्क को छोड़कर अन्य सभी पार्क साल में सिर्फ दो बार महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि के दिन आमजन के लिए दरवाजे खुलते हैं। शहर के मेला मैदान के पास डॉ.भीमराव आंबेडकर पार्क के मेन गेट पर हमेशा ताला लगा रहता है। हजारेश्वर पार्क के सामने सरदार गुलाबसिंह पार्क का गेट कई महीनों से न केवल बंद कर रखा है, बल्कि ठीक गेट के सामने नपा के सफाईकर्मी आसपास का कचरा फेंक रहे हैं। यही स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क की है। बाउंड्री के पास कचरा और पार्क के आसपास दुकानदारों ने अतिक्रमण कब्जा कर रखा है।

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