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धनिए में फैल रहा माहू कीट, सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे ग्राम सेवक, किसान चिंचित
विशेषज्ञ बोले तेज धूप से स्वत: नष्ट हो जाएगा कीट
बेमौसम बारिश के बाद तापमान में बढ़ोतरी के चलते क्षेत्र में धनिए की फसल में माहू का प्रकोप फैल रहा है। प्रमुख धनिया उत्पादक बड़ौदा और मानपुर क्षेत्र के दर्जनभर गांव में माहू वायरस के हमले से किसानों की करोड़ों रुपए की फसल दांव पर लगी है। किसानों ने चार दिन पहले ही कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी थी, लेकिन बुधवार को भी प्रभावित क्षेत्र में कृषि विभाग का दल नहीं पहुंचा है। जिससे किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि इस समय जरूरत तेजी से फैल रही बीमारी पर काबू पाने के उपाय बताने की है, लेकिन कृषि विभाग के ग्रामसेवक गांव में नजर नहीं आए हैं। वहीं कृषि उप संचालक ने कृषि वैज्ञानिकों का दल भेजकर किसानों को उपचार एवं नियंत्रण के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही है।
जानकारों ने बताया कि 25 से 30 डिग्री तापमान में माहू नामक कीट पनपता है। यह कीट एक प्रकार की लार छोड़ता है, यह लार धनिए की फसल में वायरस की तरह तेजी से फैलती है। जिसके असर से फूल काले पड़कर मुरझाने लगते हैं। किसानों की पीड़ा है कि माहू के असर से धनिया के फूल काले पड़कर खेत में झड़ने से उनकी चार महीने की मेहनत और कर्ज लेकर लगाई लागत डूब सकती है। जिले में दो हजार हेक्टेयर में धनिए की फसल इस समय फूल और फलवा की स्टेज पर है।
जिले में सिर्फ श्योपुर ब्लॉक के बड़ौदा और मानपुर क्षेत्र में ही प्रमुख रूप से धनिए की पैदावार होती है। श्योपुर ब्लॉक के 20 गांव में करीब 2000 हेक्टेयर में धनिए की फसल खड़ी है। क्षेत्र में कई जगह धनिए की फसल माहू की चपेट में आ चुकी है। किसानों ने बताया कि माहू रोग के लक्षण दिखने पर पिछले सप्ताह कृषि विभाग के अफसरों को सूचना दी थी। अफसरों ने फसल का जायजा लेने और बीमारी की रोकथाम के उपाय बताने के लिए कृषि विशेषज्ञों को क्षेत्र में भेजने का आश्वासन दिया था। लेकिन कृषि वैज्ञानिकों का अब तक दल नहीं पहुंचा है।
जानिए: उभयलिंगी कीट है माहू, जो खुद ही एक दिन में 80 हजार बच्चे पैदा कर लेता है
माहू एक उभयलिंगी कीट है। यानि यह कीट खुद ही प्रजनन कर लेता है। एक माहू 24 घंटे के दौरान लगभग 80 हजार बच्चे पैदा करता है। इसका जीवनचक्र सात दिन का होता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार माहू नामक कीट एक प्रकार की लार छोड़ता है, यह लार धनिए की फसल में वायरस की तरह तेजी से फैलता है। जिसके असर से फूल काले पड़कर मुरझाने लगते हैं।
इन गांव में धनिया की फसल पर माहू का असर
बड़ौदा क्षेत्र के बावड़ीचांपा, सलमान्या, रतोदन, सहायपुरा, सिरसौद, बछेरी, सरजूपुरा, ललितपुरा, चंद्रपुरा, अजापुरा और मानपुर सर्किल के ग्राम मानपुर, जैनी, जावदेश्वर, मैवाड़ा, बहरावदा, सरोदा, टेहला, जमूदी, शंकरपुर, कोटरा, दांतरदा , प्रेमसर आदि गांव में धनिए की फसल में माहू रोग लगने से किसान परेशान है।
तेज धूप से स्वत: नष्ट हो जाएगी माहू
धनिया की फसल फूल और फलवा की स्टेज पर आते ही वायरसजनित माहू रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है। किसानों को रोग से बचाव एवं नियंत्रण के लिए कीटनाशी का दवा का छिड़काव करने की सलाह दे दी थी। लेकिन किसानों ने समय पर सतर्कता नहीं बरती थी। तापमान बढऩे के साथ ही धनिए में माहू कीट स्वत: नष्ट हो जाएगी।
एसके शर्मा, एसडीओ, कृषि विभाग श्योपुर
बचाव के लिए यह उपाय करें किसान
माहू रोग से प्रभावित धनिया की फसल में एमीडाक्लोप्रिड 100 मिमी दवा 100 लीटर पानी में घोलकर प्रति बीघा के मान से छिड़काव करें। जबकि जिन खेतों में अभी माहू का असर नहीं है उनमें धनिए की फसल को कीट के प्रभाव से बचाने के लिए एमीडाक्लोप्रिड नामक दवा का आधी मात्रा में छिड़काव करें।
मानपुर के हार में माहू से प्रभावित धनिया की फसल दिखाते किसान।