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पुरुषों ने बनाए व्यंजन, युवाओं ने दौड़ में दिखाया दम

एक वर्ष पहले
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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण पखवाड़े में विभिन्न गतिविधियां कराई जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को ग्राम बुढ़ेरा में पुरुषों के लिए व्यंजन एवं युवा दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोषण दौड़, पोषण संवाद एवं युवा समूह के साथ खाद्य विविधता, स्वच्छता प्रतियोगिता भी हुई। गांव के पुरुषों ने पौष्टिक व्यंजन बनाए। मोहनलाल गुर्जर, शंकर, भानु गुर्जर, रामजीलाल सिसौदिया ने ग्रामीणों को पोषण पखवाड़े का महत्व समझाया। जिला कोऑर्डिनेटर संजय कंसाना ने कहा कि महिलाएं तो घर का सारा काम करती ही है, लेकिन उसमें पुरुषों को भी मदद करना चाहिए जिससे काम में आसानी रहे। ईसीसी कोऑर्डिनेटर रिंकू गुप्ता ने बताया कि पोषण से ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों में कुपोषण दूर होगा।

महात्मा गांधी सेवा आश्रम के हरिमोहन ने ग्रामीणों को बताया कि जब घर में भोजन बनाते हैं तो आहार समूह का ध्यान नहीं रखते हैं जिससे हमें शरीर को जो पोषक तत्वों की आवश्यकता होती हैं उसकी पूर्ति नहीं हो पाती हैं।

कार्यशाला में बताए एनीमिया के लक्षण और बचाव

पोषण पखवाड़े में ग्राम पहेला में शनिवार को पोषण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें किशोरी बालिकाओं को एनीमिया रोग के लक्षण और बचाव के तरीके बताए गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुक्मिणी शर्मा ने बताया कि शरीर में थकावट और कमजोरी, जीभ और नाखून का सफेद होना एनीमिया के लक्षण होते हैं। शरीर में लौह तत्वों की कमी होती है तब शरीर में एनीमिया का कारण बनता है। यह बीमारी गर्भवती महिलाओं को जल्दी चपेट में लेती है। इसके लिए समय-समय पर जांच करवाना आवश्यक है साथ ही आयरन की गोलियों का नियमित सेवन भी जरूरी है। इससे शरीर में खून की कमी नहीं होती है। उन्होंने बताया कि भोजन करते वक्त सबसे ज्यादा जरूरी है हरी सब्जियों का सेवन करना। साथ ही संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करें और खाना भी लोहे की कड़ाही में पकाने और ज्यादा मात्रा में हरी सब्जियों का सेवन करने से ही इसकी कमी को दूर किया जा सकता है। महिला और किशोरी बालिकाओं को आयरन की गोलियों का वितरण किया।

पाेषण पखवाड़ा के तहत दाैड़ में विजेता काे पुरस्कार देते अतिथि।
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