8 माह से नामांतरण के आदेश लेकिन खसरों में अमल नहीं क्योंकि पटवारी सॉफ्टवेयर चलाना ही नहीं सीखे

Sheopur News - नामांतरण आदेशों की समीक्षा करते तहसीलदार। दो हजार प्रकरणों का निराकरण नहीं हुआ जिले में ऐसे एक या दो...

Dec 04, 2019, 10:35 AM IST
Sheopur News - mp news order for renaming for 8 months but not implemented in khasra as patwari does not learn to run software
नामांतरण आदेशों की समीक्षा करते तहसीलदार।

दो हजार प्रकरणों का निराकरण नहीं हुआ

जिले में ऐसे एक या दो प्रकरण नहीं है, बल्कि कई आदेश हैं जिनमें तहसील न्यायालयों से आदेश तो पारित हो गए, पर सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी और ट्रेनिंग के अभाव में इन आदेशों पर ऑनलाइन अमल नहीं हो सका है। हालांकि पटवारी अपने रिकॉर्ड में तो अमल कर रहे हैं और लोगों को लिखकर भी दे रहे हैं कि अमल हो चुका है, किंतु खसरे में अमल न होने के फेर में बड़ी समस्या जमीन खाताधारकों के सामने आ रही है। जिलेभर में ऐसे 2 हजार के करीब प्रकरण है, जिसमें आदेश के बाद भी खसरों में अमल नहीं हो सका है।

केसीसी में आ रही सबसे ज्यादा परेशानी

बैंकों में केसीसी के कई प्रकरण इसी फेर में अटक रहे हैं कि खसरे में अमल नहीं हो सका है। हालांकि तहसीलदार आदेश पर काफी चक्कर लगाने के बाद उनके प्रकरणों पर सुनवाई हो पा रही है लेकिन यह सभी के साथ नहीं है। ऐसे दो हजार प्रकरण है, जिनमें आदेश के बाद खसरों में अमल नहीं हो सका है। हालांकि इस पर पटवारी भी लिखकर दे रहे हैं कि अमल हो चुका है, किंतु सॉफ्टवेयर न चलने के कारण ऑनलाइन दर्ज नहीं हुआ है। ऐसे में किसानों को केसीसी में काफी परेशानी आ रही है।

हाईस्पीड इंटरनेट चाहिए तब चल रहा सॉफ्टवेयर

पटवारियों के अनुसार सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए 50-60 बार लॉगइन करना पड़ता है, क्योंकि इसे चलाने के लिए हाईस्पीड इंटरनेट की जरूरत पड़ रही है। थोड़ी बहुत भी कनेक्टिविटी बंद होने या स्पीड कम होने पर सॉफ्टवेयर भी बंद हो जाता है और पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ती है जिससे पटवारियों के ऊपर भी काम का लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है। पटवारियों के अनुसार उन्होंने इसे बदलने की मांग शासन स्तर पर ज्ञापन भेजकर की है ताकि लोगों के काम आसानी से हो सके।

निराकरण के लिए शासन को भेजे गए कई पत्र

प्रशासनिक स्तर पर भी सॉफ्टवेयर में आ रही गड़बड़ी को लेकर शासन स्तर को अवगत कराया गया, लगातार पत्राचार किया जा रहा है। यह समस्या एक या दो जिलों में नहीं, बल्कि प्रदेश के 26 जिलों में है जहां आदेशों के बाद भी खसरे में अमल न ही हो पा रहा है। हालांकि इन्हें ऑफलाइन तरीके से चढ़ाने का प्रयास भी किया गया। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि जल्द ही इसके मास्टर ट्रेनर आएंगे और दोबारा से पटवारियों का ट्रेनिंग देंगे ताकि समस्या का निदान हो सके।

ट्रेनिंग में दिक्कतें आईं तो ट्रेनर भी नहीं दे सके जवाब


सॉफ्टवेयर ही काफी समय से बंद है


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