• Hindi News
  • Mp
  • Sheopur
  • Sheour News mp news school building is dilapidated maintenance work is not being done even after getting the amount from the government

स्कूल भवन जर्जर, शासन से राशि मिलने के बाद भी नहीं कराया जा रहा मेंटेनेंस कार्य

Sheopur News - जिले के अंचल में 100 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जिनके लिए शासन ने दो साल पहले भवन का मेंटेनेंस कराने के लिए राशि जारी की...

Feb 12, 2020, 09:11 AM IST
Sheour News - mp news school building is dilapidated maintenance work is not being done even after getting the amount from the government

जिले के अंचल में 100 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जिनके लिए शासन ने दो साल पहले भवन का मेंटेनेंस कराने के लिए राशि जारी की थी। लेकिन एक भी स्कूल में मेंटेनेंस नहीं किया गया है। जबकि 18 स्कूल भवन ऐसे भी हैं जो कि पूरी तरह से जर्जर हो गए हैं। बावजूद इसके इन स्कूलों में कक्षाएं लगाईं जा रहीं हैं या फिर बच्चे भवन के आसपास घूमते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें से 15 स्कूल भवनों का निर्माण बीते 15 वर्षों में ही कराया गया है। लेकिन इन स्कूलों का निर्माण इतना घटिया किया गया है कि बीते 15 सालों में ही इनकी दीवारें और छतें दरकने लगी हैं। कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूलों में भेजने से डर रह रहे हैं।

श्योपुर, कराहल और विजयपुर विकासखंडों में 18 स्कूल पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। सबसे ज्यादा 13 स्कूल विजयपुर विकासखंड में जर्जर हैं। जबकि दो स्कूल कराहल और 3 स्कूल श्योपुर जिले में जर्जर हैं। जबकि दो साल पहले 65 स्कूलों में मरम्मत कराने के लिए राज्य शासन द्वारा राशि जारी की जा चुकी है। लेकिन इनमें से कई स्कूलों में मरम्मत कार्य कराए ही नहीं गए हैं। कई भवनों की दीवारें चटकने लगी हैं, तो बारिश के मौसम के बाद से ही कई स्कूल भवनों में छतों से पानी टपक रहा है। जिसके चलते अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल ही नहीं भेज रहे हैं। जिससे स्कूलों में छात्रों की संख्या आधी रह गई है। वहीं कई स्कूलों में आसपास पानी भर जाने से बच्चे स्कूल ही नहीं जा रहे हैं। जिससे लगातार पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।

छात्रावास के हालात भी खराब: कलारना गांव में आदिवासी छात्रों को शिक्षा मुहैया कराने के लिए साल 2006 में आदिम जाति कल्याण विभाग के द्वारा छात्रावास तैयार किया गया था। लेकिन 13 साल से भवन की मरम्मत नहीं हाेने की वजह से छात्रावास के अधिकतर कमरों की दीवारों और छत से बारिश होने पर पानी टपकने लगता है। जिस वजह से यहां रहने वाले छात्रों को भारी परेशानी हो रही है। बारिश शुरू होते ही कमरों में पानी टपकने लगता है। जिससे हालात यह हो जाते हैं कि छात्रों तत्काल ही दूसरा कमरे में शिफ्ट करना पड़ता है। खास बात यह है कि पूर्व में छात्रावास में पढ़ने वाले छात्रों ने अधिकारियों को अपनी परेशानी से अवगत कराते हुए छात्रावास की मरम्मत कराए जाने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक छात्रावास दशा को सुधारा नहीं जा सका है।

वहीं बारिश होने की वजह से कैंपस में पानी भरने की भी समस्या पैदा तो हो ही जाती है साथ ही इन दिनों कीचड़ और कैंपस में घास होने की वजह से छात्रों को निकलने में भी परेशानी होती है।

बदरेटा पहाड़ी के स्कूल की गिर गई छत

लहरोनी पंचायत के अंतर्गत आने वाले बदरेंठा पहाड़ी के प्राथमिक स्कूल में 75 बच्चे दर्ज हैं। इसका निर्माण 2002-03 में कराया गया था। साथ ही 30 साल तक भवन की गारंटी दी गई थी। लेकिन स्कूल का निर्माण कार्य इतना घटिया किया गया है कि स्कूल की छत ही दो साल पहले ढह गई। हालात यह हैं कि बच्चे स्कूल के बाहर ही घूमते नजर आते हैं। शिक्षकों ने बताया कि भवन के अभाव में कक्षाएं पेड़ के नीचे लगा रहे हैं। जर्जर स्कूल में आधे से ज्यादा बच्चे पढ़ने के लिए नहीं आ रहे हैं।

जो स्कूल भवन जर्जर हैं उनकी मरम्मत कराएंगे


कन्या स्कूल के चारों ओर भर जाता है पानी

कराहल में बीच तालाब में बना कन्या प्राथमिक स्कूल अब छात्राओं के लिए परेशानी का कारण बन चुका है। बारिश के मौसम में स्कूल के चारों ओर पानी भरा रहता है। जिससे पालक अब अपने बच्चों को स्कूल में पढ़ाई करने के लिए नहीं भेजते हैं। वहीं यहां पढ़ाने वाली शिक्षिकाओं को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। साल 2012 में कराहल के छोटे तालाब के डूब क्षेत्र में कन्या प्राथमिक शाला का निर्माण कार्य कराया गया था। इसके बाद भी यहां स्कूल के चारो ओर पानी भर जाता है, इससे परेशानी हो रही है।

ये स्कूल भवन हो गए जर्जर

प्राथमिक शाला ननावद, सूंडी, उतनवाड़, शाप्रावि बदरैंठा, कुराचोर खुर्द, प्रावि चिमलवानी, प्रावि डोकरका, इमरता का पुरा, गोहर, जहानगढ़, जहानगढ़, खिड़क, खुरजान, मगरदेह का सहराना, सुमरेरा, माध्यमिक विद्यालय चिमलवानी, माध्यमिक विद्यालय सिमरई, गढ़ी और खुरजान में स्कूल के भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं, इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।

रघुनाथपुर में जर्जर स्कूल भवन का नहीं हुआ मेंटेनेंस।

X
Sheour News - mp news school building is dilapidated maintenance work is not being done even after getting the amount from the government

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना