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पुलिस थाना मैदान पर बस स्टैंड सिर्फ नाम का, यहां न छाया, न पानी वहीं अखरती है शौचालय की कमी
पुलिस मैदान पर हो रहे अवैध कब्जों के कारण बसों को मोड़ने के लिए भी जगह कम
रघुनाथपुर कस्बे में पुलिस थाना और ग्राम पंचायत मैदान पर अस्थायी बस स्टैंड बनाया गया है। इस बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए न छाया का इंतजाम किया गया है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। ऐसे में यहां यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत को जमीन नहीं मिलने के कारण स्थायी बस स्टैंड बनाने की योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही है। कस्बे सहित आसपास के 26 गांव से आवागमन करने वाले सैकड़ों यात्री रोज परेशान होते हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही यात्री और बस ऑपरेटरों की मुश्किलें बढ़ना तय है। बस स्टैंड सहित विभिन्न मांग को लेकर कस्बेवासी दो बार भूख हड़ताल व धरने प्रदर्शन कर चुके हैं। गत वर्ष धरना स्थल पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थायी बस स्टैंड के लिए जमीन व यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन हड़ताल खत्म होने बाद एक साल से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से यहां एक स्थायी बस स्टैंड की मांग की जा रही है, लेकिन स्थाई बस स्टैंड वर्तमान तैयार नहीं हो सका है। वहीं थाना परिसर में वर्तमान में अस्थाई तौर पर बस स्टैंड बनाया गया है, लेकिन यहां लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है। यहां ना तो पीने के पानी के उचित इंतजाम हैं और ना ही छाया की व्यवस्था है। सबसे बड़ी समस्या यहां शौचालय ना होने की है, जिससे महिलाओं को कई बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। वहीं सड़क पर अतिक्रमण होने से भी यहां परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां सुविधाएं बढ़ने के बजाय लगातार कम होती जा रही हैं। यहां ना तो कोई यात्री बस स्टॉप बन सका है और ना ही छाया के लिए कोई टीनशेड हैं।
मूलभूत सुविधाओं का इंतजाम करना चाहिए
विश्वंभर सोनी, निवासी, रघुनाथपुर
टायलेट का अभाव महिलाओं की परेशानी
कल्पना शर्मा, निवासी, रघुनाथपुर
बस स्टैंड के लिए पंचायत मांग रही जमीन
जसवतं रावत, पंचायत सचिव, रघुनाथपुर
थाना परिसर की जमीन पर बने अस्थाई बस स्टैंड पर अतिक्रमण होने से लोगों को परेशानी हो रही है। यहां से हनुमान मंदिर और मस्जिद व रेलवे स्टेशन जाने के लिए ये ही एक मात्र रास्ता है। यहां अतिक्रमण होने के कारण ग्रामीणों को अपने निजी वाहन निकालने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कई बार विवाद की स्थिति भी पैदा हो जाती है। वहीं अस्थाई बस स्टैंड की जगह अतिक्रमण होने की दशा में बसों को भी सड़क पर ही खड़ा होना पड़ता है। ऐसे में स्थिति और भी बिगड़ जाती है। बस स्टैंड पर अतिक्रमण की समस्या पुरानी है। ग्रामीणों ने पहले भी कई बार शिकायत की है। ऐसे पहल करते हुए फरवरी 2017 में तत्कालीन एसडीएम लोकेश जांगरे ने अतिक्रमण हटवाया था। लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते गुमटी और हाथ ठेले वालों ने एक बार फिर अतिक्रमण कर लिया है।
थाना परिसर में पसरता अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या
नहीं दे रही सुविधा, महिला यात्रियों को दुविधा
ग्रामीणों ने बताया कि रघुनाथपुर बस स्टैंड ग्रामीणों की मांग पर अस्थाई रूप से तैयार तो कर दिया गया है, लेकिन यहां यात्रियों के लिए न तो बैठने के लिए कोई छायादार जगह है और न ही पीने के पानी की कोई सुविधा है। वहीं शौचालय भी यहां नहीं बना होने से महिलाओं को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई बार खुले में टॉयलेट की मजबूरी के चलते उन्हें शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। वहीं ग्रामीण भी बस स्टैंड पर बनी गुमटियों में ही खड़े होकर बस का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पाने के पानी तक के लिए यहां मोहताज हो चुके हैं, वहीं पंचायत भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे पा रही है।
रघुनाथपुर कस्बे में पुलिस थाना मैदान पर बदहाल हुआ अस्थायी बस स्टैंड परिसर ।