पीएचई का झूठ: जिलेभर में सिर्फ 139 हैंडपंप बंद सच: इतने तो कलेक्टर को कराहल में ही खराब मिले

Sheopur News - कलेक्टर ने पीएचई से फिर मांगी जानकारी, कहा- सच्चाई पर काम करो गर्मी के सीजन में पेयजल संकट से निपटने के लिए...

Feb 15, 2020, 09:26 AM IST
Sheour News - mp news the lie of phe only 139 hand pumps closed in the district

कलेक्टर ने पीएचई से फिर मांगी जानकारी, कहा- सच्चाई पर काम करो

गर्मी के सीजन में पेयजल संकट से निपटने के लिए कलेक्टर ने बीते सप्ताह पीएचई अफसरों की बैठक ली थी, जिसमें उन्हें जानकारी दी गई कि जिलेभर में 6285 हैंडपंप हैं। इनमें से 139 तीनों विकासखंड श्योपुर, कराहल व विजयपुर में मिलाकर बंद हैं। पीएचई की इस रिपोर्ट की पोल कलेक्टर के कराहल निरीक्षण में खुल गई। जितने हैंडपंप जिलेभर में खराब बताए गए, उतने तो कलेक्टर को कराहल में ही बंद मिले। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और दोबारा रिपोर्ट तलब की है।

गर्मी के सीजन में कराहल और विजयपुर के गांवों में भीषण पेयजल संकट का सामना आदिवासी गांवों सहित निचली बस्तियों को करना पड़ता है। ऐसे में महिलाएं कई किमी का सफर कर जंगलों से निकली नदी की पोखरों और दूसरे के खेतों पर जाकर पानी भरकर लाती है लेकिन गांवों में लगे हैंडपंपों का संधारण पीएचई विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। ऐसे में गर्मी के पूरे सीजन में लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। इस साल ऐसी समस्या न हो, इसे लेकर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने 7 फरवरी को पीएचई अफसरों की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर को बताया गया कि जिले में 6285 हैंडपंप हैं। इनमें से सिर्फ 139 हैंडपंप बंद हैं। इनमें श्योपुर के 17, कराहल के 31 और विजयपुर के 91 हैंडपंप शामिल हैं। इस बैठक में पेयजल की स्थिति को लेकर निर्देश देने के बाद कलेक्टर ने कराहल क्षेत्र का दौरा किया। पीएचई द्वारा बताई गई संख्या के बराबर अकेले कराहल में ही हैंडपंप बंद मिले। जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग से नाराजगी जाहिर की और पेयजल संकट की स्थित से सही से निपटने के निर्देश दिए, जबकि उसने सही रिपोर्ट तलब करने के लिए कहा।

दो साल में सूखे 20 से ज्यादा हैंडपंप, रिपाेर्ट में बताए सिर्फ 3

पीएचई विभाग अपनी रिपोर्ट में 3 हैंडपंपों का सूखना बता रहा है, जबकि यहां दो सालों में 20 से ज्यादा हैंडपंप सूख चुके हैं जिनमें वाटर लेवल दोबारा बढ़ा ही नहीं। न इन हैंडपंप काे दोबारा चालू कराने के कोई प्रयास किए गए न गांव में दूसरे कोई हैंडपंप लगाए गए। अकेले गिरधरपुर गांव के कालाखदान, भट्टी का सहराना, झरेर अाैर पातालगढ़ गांव में ही 5 हैंडपंप दो सालों से सूखे हैं जहां की महिलाएं रेलवे स्टेशन के हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर हैं।

हां, कराहल में बंद मिले हैंडपंप, लेकिन पानी का संकट नहीं हाेने देंगे, हमने पूरी प्लानिंग कर ली है


गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने कलेक्टर ने बनाई योजना, कॉल सेंटर शुरू हाेगा


पीएचई विभाग की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिले सामान्य खराबी से 61 हैंडपंप और लाइन गिरने व मोटर फंसने आदि के कारण 26 हैंडपंप बंद हैं, जबकि 52 हैंडपंप जलस्तर गिरने के कारण बंद हैं। इस बार जिले में अच्छी बारिश हुई। औसत से अधिक बारिश होने के बाद भी पीएचई ने रिपोर्ट में कई गांवों का जलस्तर अभी से गिरा दिया, जिनमें पाइप बढ़ाने के नाम पर घोटाला करने की तैयारी की जा रही है। जलस्तर की कमी से श्योपुर में 7, विजयपुर में 21 तो कराहल में 24 हैंडपंप बंद बताए गए हैं जबकि जिले में बारिश 822 मिमी से ज्यादा रिकॉर्ड की गई।


औसत से ज्यादा 822 मिमी से रिकॉर्ड बारिश, फिर भी जलस्तर कम बताकर सूखे बताए 52 हैंडपंप


पीएचई अफसरों ने बताया- सिर्फ कराहल में ही होता है पीने के पानी का संकट, हकीकत में ऐसा नहीं

पीएचई अफसरों ने कलेक्टर प्रतिभा पाल को बताया कि श्योपुर जिले में सिर्फ कराहल क्षेत्र में ही पेयजल संकट रहता है, जबकि ऐसा है नहीं। कराहल के अलावा विजयपुर के गांवों में भी लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है जिसे लेकर लगातार लोग हैंडपंपों के संधारण की मांग को लेकर मुख्यालय पर आकर शिकायत दर्ज कराते हैं। पीएचई के अफसर उक्त शिकायतों को सुनने के बजाय सिर्फ कागजों में हैंडपंप संधारण होना बताकर खानापूर्ति कर देते हैं। इसके अलावा मटेरियल के नाम पर भी घोटाला कर देते हैं।

कलेक्टोरेट सभागार में समीक्षा बैठक करतीं कलेक्टर।

X
Sheour News - mp news the lie of phe only 139 hand pumps closed in the district
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना