जंग लगे टैंकरों से पानी सप्लाई, लोग बीमार जिला अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की संख्या

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 09:21 AM IST

Sheopur News - लोगों को जिन टैंकरों से पीने के पानी की सप्लाई की जाती है, उनमें से अधिकांश में जंग लगी है और टैंकर के भीतर काई जम गई...

Sheour News - mp news water supply from rusty tankers number of patients increasing in sick district hospital
लोगों को जिन टैंकरों से पीने के पानी की सप्लाई की जाती है, उनमें से अधिकांश में जंग लगी है और टैंकर के भीतर काई जम गई है। कंडम टैंकर का पानी लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। दूषित पानी के इस्तेमाल के चलते जिला अस्पताल में पेट दर्द, उल्टी- दस्त से पीड़ित 100 से 125 मरीज रोजाना इलाज कराने पहुंच रहे हैं। अस्पताल में डायरिया के मरीज भी बढ़ रहे हैं। शहर में नगरपालिका के जंग लगे टैंकरों से जलजनित बीमारियां लोगों को चपेट में ले रही है। सिर्फ इतना ही नहीं टैंकर से सप्लाई के दौरान 10 प्रतिशत से ज्यादा पानी बहकर रास्ते में बर्बाद होता है। डॉक्टर भी मान रहे हैं कि 10 से 15 प्रतिशत मरीज दूषित पानी के कारण ही बीमारी के शिकार होते हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो नगर पालिका से सप्लाई होने वाला पानी पीते हैं। शहर में नगरपालिका ने वर्तमान में 8 टैंकर पेयजल की सप्लाई में लगा रखे हैं। शहर के किसी भी वार्ड में बोर की मोटर फुंकने पर जलप्रदाय शाखा द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकर से पेयजल की सप्लाई की जाती है। हालांकि नपा अफसर इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उनका कहना है कि टैंकरों की नियमित सफाई कराई जाती है। वहीं पुराने टैंकर की मरम्मत भी की गई है।

वहीं शहर के हजारेश्वर मेले में सैलानियों को पानी के लिए तरसना पड़ता है। नगरपालिका द्वारा मेले में पानी की व्यवस्था टैंकर से की जा रही है। कई लोगों ने बताया कि गुरुवार की रात रंगमंच के सामने दो टैंकर रखवाए गए। इनमें एक टैंकर को शाम 5 बजे मेले के दुकानदारों ने खाली कर दिया, दूसरे टैंकर में भी रात 9 बजे पानी खत्म हो गया। टैंकर में जब पानी मिलता है भी है तो इतना गर्म होता है कि लोगों की ठीक से प्यास नहीं बुझती है। ऐसे में सैलानियों को पानी खरीदना पड़ता है।

शहर के हजारेश्वर टंकी से पानी भरकर सप्लाई करने जाता नपा का जंग लगा टैंकर।

अभी तक नहीं कराई पानी की गुणवत्ता की जांच

विशेषज्ञों की मानें तो गर्मियों में पानी सप्लाई के पहले नगर पालिका को इन टैंकराें की सफाई करानी चाहिए। नगरपालिका द्वारा सभी टैंकर में सीधे बोर से पानी भरा जाता है। शहर में वाटर फिल्टर की सुविधा नहीं है। समय-समय पर पानी की जांच लैब में की जानी चाहिए, लेकिन नगरपालिका ने अभी तक पानी की गुणवत्ता की जांच तक नहीं कराई है। कायदे से टैंकर्स में टोटी के साथ ढक्कन भी ठीक होना चाहिए। कई टैंकर्स में ढक्कन नजर नहीं आते है या सप्लाई के समय खुले रहते हैं, जिससे सड़क पर पानी छलकता रहता है।

दस्त व उल्टी डायरिया के लक्षण

जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरबी गोयल ने बताया कि दूषित पानी के सेवन के चलते ओपीडी में रोज एक सैकड़ा से ज्यादा मरीज पेटदर्द, उल्टी व दस्त की शिकायत से पीड़ित होकर इलाज कराने आते हैं। दो-चार मरीज डायरिया के भी आ रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या ज्यादा रहती है। उन्होंने बताया कि बार-बार दस्त-उल्टी आना, कमजोरी, पेशाब की मात्रा कम हो जाना, ये लक्षण शरीर में पानी की कमी की ओर संकेत करते हैं। दूषित पानी पीने के के कारण डायरिया फैलता है। एंटीबायोटिक दवाएं लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह से इलाज कराना चाहिए।

भरने से पहले धुलवाते हैं टैंकर इसलिए पानी से नहीं परेशानी


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