विज्ञापन

जमीन पर अवैध कब्जे चिह्नित कर कार्रवाई करना भूले अफसर / जमीन पर अवैध कब्जे चिह्नित कर कार्रवाई करना भूले अफसर

Bhaskar News Network

Dec 09, 2018, 04:11 AM IST

Sheopur News - पशुपालकों ने अफसरों से लगाई जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की गुहार भास्कर संवाददाता | रघुनाथपुर जंगल में चरने...

Raghunathpur News - recognize illegal occupation of land on the basis of complaint
  • comment
पशुपालकों ने अफसरों से लगाई जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की गुहार

भास्कर संवाददाता | रघुनाथपुर

जंगल में चरने जाने वाले दुधारू पशुओं के विश्राम स्थल के लिए रघुनाथपुर कस्बे में आरक्षित की गई 35 बीघा जमीन पर दर्जनभर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। कुछ साल पहले तक जहां पूरे कस्बे की मवेशी सुबह-शाम इकट्ठी होती थी, अब उस जगह खेत, प्लॉट और मकान बनाए जा रहे हैं। कई बार मांग करने के बावजूद राजस्व विभाग द्वारा अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह बात स्थानीय पशुपालकों ने बीते रोज एसडीएम को शिकायती पंचनामा देकर बताई है। लोगों की मांग है कि आरक्षित जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।

जानकारी के अनुसार रघुनाथपुर कस्बे में चंबल नहर के पास भूमि सर्वे नंबर 674 बटा 1 में कुल 7.461 हेक्टेयर जमीन राजस्व अभिलेख में पशु विश्राम स्थल के रूप में दर्ज है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ साल पहले सभी मवेशी पालक रोजाना सुबह अपनी गाय और भैंसों को इसी जगह छोडऩे आते थे, जहां से चरवाहे उन्हें चराने के लिए जंगल में ले जाते और शाम को लौटकर इसी जगह मवेशी खड़ी करते थे। जहां से कस्बे के लोग अपने-अपने मवेशियों को वापस घर ले जाते थे। लेकिन बाद में आरक्षित जमीन पर कब्जा करने की होड़ लग गई। वर्तमान में पूरी 35 बीघा जमीन पर दर्जनभर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। सरकारी जमीन पर अवैध रूप से काबिज कुछ लोगों ने खेत तैयार कर लिए तो कई लोगों ने कब्जे की जमीन पर ही प्लॉट बना दिए।

35 बीघा जमीन अतिक्रमण की चपेट में है: रघुनाथपुर निवासी गंगाधर माहौर का कहना है कि गायों के विश्राम की जगह पर अतिक्रमण की शिकायत शुरुआत में ही कर दी थी। लेकिन राजस्व विभाग और प्रशासन के अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इससे अतिक्रमण तेजी से फैल गया। राजस्व रिकार्ड में 35 बीघा जमीन हकीकत में अतिक्रमण की चपेट में है।

मैंने छह माह पहले जनसुनवाई में की थी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई

गंगाधर माहौर का कहना है कि मैंने छह माह पूर्व कलेक्टर को जनसुनवाई में शिकायत की थी। इसके बाद राजस्व विभाग ने मौके का मुआयना कर अतिक्रमण चिह्नित तो किए, लेकिन अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई नहीं की गई है।

X
Raghunathpur News - recognize illegal occupation of land on the basis of complaint
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन