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आपके परिजन के पास है जाति प्रमाण-पत्र तो नहीं होगी जांच

सभी एसडीएम को आदेश जारी, समय पर निराकरण नहीं होने पर अपील भी कर सकेंगे आवेदक भास्कर संवाददाता। श्योपुर ...

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 05:05 AM IST
सभी एसडीएम को आदेश जारी, समय पर निराकरण नहीं होने पर अपील भी कर सकेंगे आवेदक

भास्कर संवाददाता। श्योपुर

अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं विमुक्त घुमक्कड़, अर्द्ध घुमक्कड़ जातियों के व्यक्तियों के अब डिजिटल जाति प्रमाण पत्र बनेंगे, यदि परिवार में किसी भी सदस्य का पहले से ही जाति प्रमाण-पत्र बना हुआ है तो नए सदस्य को अपना प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। यानी किसी आवेदक के दादा, पिता, चाचा, भाई या बहन का पहले से जाति प्रमाण पत्र बना है, तो ऐसे मामलों में आवेदक की जाति और निवास को लेकर छानबीन जरूरी नहीं है। डिजिटल प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए कर्मचारी हर बार की तरह यह भी नहीं कहेंगे कि पटवारी, वार्ड मैंबर, सरपंच-सचिव की टीप लगवाओ। मैन्युअल से डिजिटल जाति प्रमाण-पत्र महज 3 दिन में बनाकर दे दिया जाएगा। तो नए आवेदनों का निराकरण भी अब एक माह की जगह महज 15 दिन में होगा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन भोपाल से आए निर्देशों पर जिला प्रशासन ने सभी एसडीएम को आदेश जारी कर दिए हैं।

लोकसेवा गारंटी से जोड़ी व्यवस्थाएं समय-सीमा भी की तय : सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश में कहा कि ऐसे लोगों के जाति प्रमाण पत्र बगैर किसी छानबीन के बनाए जाएंगे, जिनके परिवार के किसी सदस्य का पहले भी प्रमाण पत्र बनाया जा चुका है। आरक्षित वर्ग के सभी लोगों के जाति प्रमाण पत्र अब डिजिटल होंगे। उनके मैन्युअल प्रमाण पत्रों को डिजिटल में परिवर्तित किया जाएगा। इसे लोक सेवा गारंटी कानून में रखते हुए मैन्युअल से डिजिटल प्रमाण पत्र तैयार करने की समय सीमा तीन दिन तय कर दी है।

मैन्युअल को डिजिटल कराने के लिए यह करें : मैन्युअल जाति प्रमाण-पत्र भी अब डिजिटल हो सकेंगे। इसके लिए आवेदक को उसके मैन्युअल प्रमाण-पत्र की मूल प्रति मजा करना होगी। साथ ही अपना परिचय-पत्र, वोटर आईडी कार्ड आदि भी लगाना होंगे।