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जैविक खेती से एक हेक्टेयर में 62 क्विंटल गेहूं की ली उपज

जिले के किसानाें ने अपनी फसलों में रासायनिक उर्वरकों के बजाए जैविक खाद का उपयोग कर बंपर उत्पादन लेना शुरू कर दिया...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:30 AM IST

जैविक खेती से एक हेक्टेयर में 62 क्विंटल गेहूं की ली उपज
जिले के किसानाें ने अपनी फसलों में रासायनिक उर्वरकों के बजाए जैविक खाद का उपयोग कर बंपर उत्पादन लेना शुरू कर दिया है। उद्यानिकी विभाग का कहना है कि किसान समझ चुके हैं कि रासायनिक उर्वरकों का अंधाधुंध उपयोग करने से जहां उर्वरक शक्ति कमजोर हुई है, वहीं पोषक तत्वों की भी कमी आई है। इसी सीख के साथ जिले के महेशपुरा निवासी किसान बाइसराम धाकड़ ने अपने खेतों में जैविक खेती कर एक हेक्टेयर में 62 क्विंटल गेहूं का उत्पादन लिया है, जो सर्वाधिक है। जबकि रासायनिक खाद के इस्तेमाल से प्रति हेक्टेयर औसतन 20 क्विंटल का उत्पादन होता है।

रासायनिक उर्वरकों की उपेक्षा कर स्थापित किया नया कीर्तिमान,1 हेक्टेयर में 40 क्विंटल अरहर का भी रिकार्ड उत्पादन किया

खेल मंत्री ने 25 हजार रुपए देकर किसान को किया सम्मानित

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने विगत दिवस को शिवपुरी में आयोजित खंडस्तरीय अंत्योदय मेले में सर्वाधिक उत्पादन लेने पर किसान बाइसराम को आत्मा परियोजना के तहत 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदाय कर सम्मानित किया और अन्य किसानों को भी इनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

किसान बाइसराम को सम्मानित करतीं खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया।

सलाह : रासायनिक खाद का उपयोग न करें, इससे जमीन खराब होती है

किसान बाइसराम ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की सलाह पर उसने रासायनिक खाद का लगातार उपयोग बंद कर दिया। उसने उन्हें पता चला कि रासायनिक खाद के उपयोग से जमीन की उर्वरक शक्ति में कमी आ रही है और उत्पादों में भी पोषक तत्वों की कमी देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने खेतों में जैविक खेती के माध्यम से 62 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गेहूं का उत्पादन भी लिया है। उत्पादित गेहूं के पोषक तत्वों में भी कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने बताया कि एक हेक्टेयर में जैविक खेती के माध्यम से 40 क्विंटल अरहर का उत्पादन भी लिया है, जो अपने आप में एक रिकार्ड। बाइसराम ने बताया कि खेत पाठशाला के माध्यम से किसानों को जैविक खेती की ओर प्रेरित किया जा रहा है, जहां मुन्नालाल एवं सोनीराम किसान ने भी अपने खेतों में जैविक खेती के माध्यम से बंपर उत्पादन ले रहे है।

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