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पॉलिथिन गले में फंसने से तड़प रहे बछड़े को बचाया

शहर के गुरुद्वारा चौराहे के पास रात 12 बजे दो युवकों को बीच सड़क पर एक बछड़ा तड़पता मिला। इसके बाद इन लोगों ने उसकी जान...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:50 AM IST
शहर के गुरुद्वारा चौराहे के पास रात 12 बजे दो युवकों को बीच सड़क पर एक बछड़ा तड़पता मिला। इसके बाद इन लोगों ने उसकी जान बचाने के लिए कुछ गो- सेवकों को फोन किए, जिनसे उन्हें शहर के कुछ वेटरनरी डॉक्टरों के मोबाइल नंबर मिले। इसके बाद युवकों ने 5 वेटरनरी डॉक्टरों को फोन लगाया जिसमें से 3 ने तो रात में फोन ही नहीं उठाए, और जिसने उठाए उसने रात में आने से मना कर दिया। इसके बाद उनके द्वारा जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ एनयू खान को कॉल किया गया, पहले तो उन्होंने भी यही बोला कि रात में कैसे होगा, लेकिन थोड़ी देर बाद वह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने रात में ही बछड़े की जान बचाने के लिए पशु अस्पताल खुलवाया और उसका उपचार शुरु कर दिया।

पॉलिथिन गले में फंसने की वजह से जो बछड़ा मरने के कगार पर पहुंच गया था वो युवकों के प्रयास और डॉक्टर की समझदारी से बच गया।

दो युवकों ने दर्द से तड़प रहे बछड़े को बचाने के लिए 5 वेटरनरी डॉक्टर्स को किया कॉल, मुस्लिम डॉक्टर ने दिखाई सहृदयता

बछड़े का इलाज करते डॉ. एनयू खान

हमने सोचा, डॉक्टर मुस्लिम हैं, आएंगे नहीं

दोनों युवक शुभम ओझा, अतुल पवार ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि जब हिंदू डॉक्टरों ने बछड़े के उपचार को गंभीरता से नहीं लिया तो मुस्लिम डॉक्टर आएंगे ही नहीं, लेकिन उन्होंने मोबाइल पर पूरा मामला सुनने के बाद कहा मैं करूंगा उपचार, और वह थोड़ी देर बाद मौके पर पहुंचे और बछड़े की जान बचा ली। हम दोनों तो उनके मुराद हो गए हैं।

पॉलीथिन खाने के बाद भी गाय को बचाया जा सकता है

अतुल ने बताया कि मैने डॉक्टर खान से सीखा कि यदि गाय पॉलिथिन खा भी ले तो भी उसे बचाया जा सकता है। डॉ खान के द्वारा बछड़े के शरीर में एक इंजेक्शन लगा कर खाली निडिल उसके शरीर की एक नस में छोड़ दी थी। इस नस से बछड़े के शरीर में आक्सीजन का प्रवाह शुरु हो गया और इंजेक्ट होने के साथ बछड़े के शरीर का दर्द बंद हो गया। इसके बाद उसकी जान बच गई।